CG News : जिले के सभी मामलों की सुनवाई 50 किलोमीटर दूर कोंडागांव जिला सत्र न्यायालय में होती है।
नारायणपुर। CG News : जिले के सभी मामलों की सुनवाई 50 किलोमीटर दूर कोंडागांव जिला सत्र न्यायालय में होती है। नारायणपुर जिले में जिला सत्र न्यायालय की स्थापना ना हो पाना प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी होते नजर आ रही है। वही नारायणपुर जिला बनने के 4 वर्ष बाद में पड़ोसी कोंडागांव जिला अस्तित्व में आते ही जिला सत्र न्यायालय बन जाना राजनीति पटाक्षेप का उदाहरण था।
क्योंकि कोंडागांव जिले के अधिवक्ता व राजनीतिक जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों ने सामूहिक रूप से शासन तथा उच्च न्यायालय के समक्ष अपना तर्क मजबूती रखते हुए जिला सत्र न्यायालय मांग जोर शोर से उठाई थी। इसी के फलस्वरूप कोंडागांव में जिला सत्र न्यायालय शुरू हो पाया। लेकिन विडंबना है की नारायणपुर जिला में इतने लंबे समय के बाद भी जिला सत्र न्यायालय स्थापित नहीं हो पाया है।
दो ब्लॉक वाले नारायणपुर जिले का बड़ा हिस्सा अबूझमाड़ में आता है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों को पहले कई मिलो का सफर पैदल तय कर नारायणपुर पहुचने के बाद न्याय के लिए दूसरे जिले कोंडागांव की ओर रूख करना पड़ता है। नारायणपुर क्षेत्र के कई आदिवासी परिवार नक्सली प्रकरण सहित अन्य मामलों में नारायणपुर जिले से बाहर अन्य जिले में न्याय के लिए जाने को मजबूर है।
नारायणपुर की अधिकतर मामले कोंडागांव जिला सत्र न्यायालय में लंबित है। इस विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासन तथा उच्च न्यायालय को नारायणपुर जिले में जिला सत्र न्यायालय को स्थापना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इससे अबुझमाडिय़ो सहित जिले वासियों को सुलभ-सस्ता-सरल न्याय मिल सके।
दलगत राजनीति से उठकर करें विचार
जिला सत्र न्यायालय के विषय में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जिले के सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर अपनी आवाज बुलंद कर शासन व उच्च न्यायालय के समक्ष मजबूत तर्क प्रस्तुत कर नारायणपुर में जिला सत्र न्यायालय की स्थापना की मांग पर जोर देना होगा। जिला पुलिस का ढांचे में डेढ़ दर्जन थाने सहित दर्जन पर पुलिस कैंप में विकसित है। ऐसी स्थिति में अपराध के प्रकरणों में लगातार इजाफा हो रहा है।
अपर सत्र न्यायालय भी प्रारंभ किया जा सकता है
अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष शिवकुमार पांडे कहते हैं की जिला सत्र न्यायालय की बांट जोड़ रहे हैं। तत्कालीन व्यवस्था के अनुरूप कम से कम अपर सत्र न्यायालय भी प्रारंभ किया जा सकता है। जिसके लिए नारायणपुर व्यवहार न्यायालय में कोर्ट रूम रिक्त भी है। जिला सत्र न्यायालय की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ ने कई बार वर्तमान एवं पूर्व मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की तो उन्होंने कहां यह हाई कोर्ट का मामला है।