
June 20 Narayanpur Bandh: नारायणपुर जिले के ग्राम भरण्डा में घटित एक प्रकरण को लेकर सर्व समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इसी संदर्भ में नारायणपुर में सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेते हुए मामले पर गंभीर ङ्क्षचता व्यक्त की। भरण्डा का यह मामला पिछले कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पूर्व भी ग्रामीणों द्वारा पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार, 8 जून को ग्राम भरण्डा में ग्रामीणों ने ‘Press’ अंकित एक वाहन में सवार कुछ व्यक्तियों को पकड़ा था, जो कथित रूप से कई दिनों से घर-घर जाकर प्रार्थना सभाएं आयोजित कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर अवरोध उत्पन्न कर उन व्यक्तियों को पुलिस के हवाले कर दिया था। उस समय पुलिस प्रशासन ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए। हालांकि, बाद में पुलिस द्वारा कथित धर्मांतरण प्रकरण में संलिप्त एक महिला सहित तीनों व्यक्तियों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिए जाने की जानकारी सामने आने पर समाज में असंतोष फैल गया।
सर्व समाज की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भरण्डा मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आगामी 20 जून को नारायणपुर बंद, विशाल रैली और चक्काजाम का आयोजन किया जाएगा। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर एक महिला सहित तीनों आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। वक्ताओं ने प्रशासन पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील विषय पर पुलिस प्रशासन का ध्यान पुन: आकर्षित करना आवश्यक है।
बैठक के उपरांत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि थाना भरण्डा पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 जून को आयोजित होने वाली इस महारैली में बस्तर संभाग के विभिन्न समाजों के नागरिक शामिल होंगे। रैली गोंडवाना भवन से प्रारंभ होकर जिला कलेक्टोरेट तक पहुंचेगी, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।