- गृहग्राम आंखमऊ में होगी शरद यादव की अंत्येष्टि- गुरुवार को दिल्ली में हुआ JDU के पूर्व अध्यक्ष का निधन- दिल्ली से भोपाल हनाई जहाज से लाया जा रहा पार्तिव देह- गांव में चल रही अंतिम संस्कार की तैयारी
नर्मदापुरम. जनता दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। यादव की अंत्येष्टि नर्मदापुरम में माखननगर के पास स्थित गृहग्राम आंखमऊ में की जाएगी। अंतिम संस्कार उनके गांव में बगीचे में स्थित खलियान में होगा। इसके लिए उनके गांव में तैयारी शुरू कर दी गई हैै।
उनके भाई एसपीएस यादव ने बताया कि, शरद यादव का पार्थिव देह हवाई जहाज से भोपाल तक लाया जाएगा। यहां से एंबुलेंस के जरिए पार्थिव देह गृहग्राम आंखमऊ तक लाया जाएगा। भाई एसपीएस यादव ने बताया कि, शाम को ही उनकी शरद यादव के घर पर बात हुई थी। परिजन ने बताया था कि, वे आराम कर रहे हैं। अचानक निधन की खबर आने से परिवार सहित पूरा गांव गमगीन है।
75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
आपको बता दें कि, शरद यादव की प्राथमिक शिक्षा आंखमऊ में ही हुई थी। इसके बाद इटारसी और जबलपुर में शिक्षा पूरी करने के बाद राजनीति में सक्रिय हो गए थे। 75 साल की उम्र में शरद यादव ने अंतिम सांस ली। बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले शरद यादव का जाना सभी को शोक में डुबो गया है। गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हुआ है।
लंबा राजनीतिक सफर
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बंदाई गांव में किसान परिवार में हुआ था। किसान के घर जन्मे शरद पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। उन्होंने मध्य प्रदेश के जबलपुर के ही इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया और बीई की डिग्री ली। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था। शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था। शरद यादव अटल बिहारी वाजपेई सरकार में केंद्रीय मंत्री थे।
नीतीश कुमार से विवाद के बाद छोड़ी पार्टी
शरद यादव की गिनती देश के समाजवादी नेताओं के तौर पर होती थी। नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया था। वो बिहार की मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे। शरद यादव के निधन पर कई राजनेताओं ने शोक प्रकट किया है।