
Alcohol (Photo Source - Patrika)
MP News: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में जिला मुख्यालय से लगे डोंगरवाड़ा गांव को नशामुक्त करने के लिए पंचायत ने अनूठा प्रयोग किया है। गांव में किसी ने शराब पी तो राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा। सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा। पंचायत ने इसका प्रस्ताव पास किया है। 350 घरों और 150 वोटर वाले डोंगरवाड़ा में ग्रामीणों की शराब की लत छुड़ाने के लिए पंचायत के साथ युवा काम कर रहे हैं। शराब की अवैध बिक्री बंद करा दी, पर ग्रामीण बाहर से शराब पीकर आते हैं। परिवार में मारपीट करते हैं। ऐसे में सरपंच माखन मीना ने ठोस कदम उठाया है।
फैसला लिया गया है कि शराब का सेवन करने पर पीएम आवास, नलजल योजना, स्वास्थ्य सहित पंचायत से मिलने वाली किसी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। गांव में कोई शराब पीकर तो नहीं आया, इसकी जांच युवाओं की टोली करेगी। पंचायत कार्रवाई करेगी।
पंचायत ने गांव में 6 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। माता चौक, राधा-कृष्ण मंदिर, मिडिल स्कूल के सामने, आदिवासी चौराहा, राजपूत व कटारे मोहल्ला चौराहा पर कैमरों से निगरानी हो रही है। गलत गतिविधि दिखने पर युवा वहां पहुंच रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
पंचायत का मानना है कि इस पहल से गांव में सामाजिक और आर्थिक सुधार होगा तथा युवाओं को सही दिशा मिलेगी। यह प्रयास अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
गांव को शराब मुक्त करने के लिए पंचायत ने प्रस्ताव पास किया है। शराब पीने वाले ग्रामीण को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं देंगे। माखन मीना, सरपंच डोंगरवाड़ा इस पहल से पंचायत की समाजिक और आर्थिक उन्नति होगी। युवा सही रास्ते पर रहेंगे। हिमांशु जैन, सीईओ, जिला पंचायत नर्मदापुरम
शराब का सेवन करने से स्वास्थ्य पर कई तरीकों से असर पड़ता है। इसके सेवन से लीवर की बीमारी (सिरोसिस), हृदय रोग और उच्च रक्तचाप की संभावना, दिमाग और याददाश्त कमजोर होना, कैंसर (मुंह, गला, लीवर) का जोखिम ,पाचन तंत्र पर बुरा असर, मानसिक प्रभाव, तनाव, अवसाद और चिंता, गुस्सा और व्यवहार में आक्रामकता, निर्णय लेने की क्षमता कमजोर आदि बीमारियां लोगों को घेर लेती हैं।
Published on:
19 Mar 2026 03:21 pm
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