नर्मदापुरम. गली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों की फौज घूम रही है, जिस कारण शहरवासी परेशान हैं। आए दिन डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें बच्चों के साथ हर वर्ग के लोग शामिल हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन माह में 1400 लोग इन कुत्तों के शिकार होने पर इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं। लेकिन नगर पालिका आवारा कुत्तों को पकडऩे कोई मुहिम नहीं चला रही है, जिस कारण इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक जनवरी २०23 में 456, फरवरी में 454 और मार्च में 498 डॉग बाइट के मामले आ
एक ही वार्ड में १० लोगों को काटा
शहर के सभी वार्डों में आवरा कुत्तों के झुंड सड़क पर घूमते देखे जाते हैं। इन्हें भगाने पर यह उसपर हमला कर देते हैं। मार्च में बालागंज निवासी वीर शिवहरे (११) घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने उसे काट लिया। इस आवारा कुत्ते ने गली में ही लगभग दस लोगों को काटा। पीडि़त बालक के परिजनों ने एक माह तक बच्चे का उपचार कराया।
नगर पालिका के पास डॉग केचर नहीं
आवारा कुत्तों को पकडऩे नगर पालिका के पास डॉग केचर नहीं है। इसलिए सफाईकर्मी इनको पकड़कर वार्डों से दूर कर देते हैं। जो वापस आ जाते हैं।
वर्जन
तीन महीने में जिला अस्पताल में डॉग बाइट के 1408 मरीजों को इंजेक्शन लगाए हैं। इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अभी कोई मरीज आता है तो उसे इंजेक्शन अरेंज करवा देते हैं।
डॉ. राजेश महेश्वरी, प्रभारी सिविल सर्जन जिला अस्पताल नर्मदापुरम
नगर पालिका ने डॉग केचर का प्रस्ताव पीआईसी की बैठक में रखा है। अभी आवारा कुत्तों को सफाईकर्मियों की टीम वार्डों से बाहर कर देती है। डॉग केचर मिलने के बाद इन्हें शहर से दूर कर देंगे।
कमलेश तिवारी, सिनेटरी इंस्पेक्टर नगर पालिका नर्मदापुरम,
इधर, रेबीज से बच्ची की मौत के बाद पागल कुत्तों को पकडऩे व वैक्सीनेशन के निर्देश
फोटो पीआईपी 1 केप्शन-पिपरिया। अस्पताल में हर माह 150 लोगों को रेबीजरोधी टीके लगाए जा रहे हैं।
आज की खबर की इपीएस लगा लीजिए...
पिपरिया. गांधी वार्ड निवासी साढ़े चार साल की काव्या सोनी की रेबीज संक्रमण से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बीएमओ डॉ. ऋचा कटकवार ने नगरपालिका और पशु चिकित्सालय पत्र भेजकर आवारा और पागल कुत्तों को कंट्रोल करने और वैक्सीनेशन के लिए कहा है। बीएमओ कटकवार ने नगरपालिका को भेजे पत्र में गांधी वार्ड की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि शहर में आवारा और पागल कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाएं अस्पताल में आ रही हैं। इसिलिए नपा इन आवारा और पागल कुत्तों को कंट्रोल करने आवश्यक उपाय करे। एक और पत्र पशु चिकित्सालय को भेजा है, जिसमें आवारा-पागल कुत्तों के वैक्सीनेशन और आइसोलेशन के लिए कहा गया है।
हर माह 150 लोगों को लग रहे रेबीज टीके
सरकारी अस्पताल पिपरिया में हर माह लगभग 150 लोगों को रेबीज रोधी टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बंदरों से काटे जाने के मामले हैं। इसके अलावा कुत्तों, सियार और अन्य जानवरों द्वारा इंसानों को काटने पर रेबीज रोधी टीके लगवाए जा रहे हैं। शहर में रेबीज संक्रमण में कुत्तों से ज्यादा खतरा बंदर बनकर उभरे हैं। तहसील कार्यालय परिसर में कई सारे लोगों को बंदर काट चुके हैं। शिकायत भी लोगों ने एसडीएम से की थी।