
lover and his friend to kill her third husband नरसिंहपुर. पूर्व में दो विवाह कर चुकी महिला ने अपने प्रेमी के साथ चौथा विवाह करने तीसरे पति को प्रेमी के दोस्त के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। शव को बारुरेवा पुल के पास झाडिय़ों में फेंक दिया। जैसे ही शव को पुलिस ने बरामद कर जांच शुरू की तो तीनों आरोपियों को चंद घंटों में ही दबोच लिया गया।
एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने गुरुवार को एएसपी संदीप भूरिया की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि बीते 30 जून को कोतवाली थाना क्षेत्र में बारुरेवा पुल के पास हाइवे से कुछ दूरी पर झाडिय़ों में एक शव मिला था। जिसमें मृतक की पहचान बहोरीपार निवासी तुलसीराम पिता डोरीलाल मेहरा 40 वर्ष के रूप में की गई थी। मामले में हत्या की आशंका होने पर एएसपी संदीप भूरिया व एसडीओपी के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की सहायता से जांच आगे बढ़ाई। जिसमें पता चला कि मृतक की पत्नी सरोज मेहरा पूर्व में दो शादियां कर चुकी थी और करीब एक साल पूर्व उसने तुलसीराम से विवाह किया था। पति-पत्नी में लंबे समय से पारिवारिक एवं चरित्र संबंधी शंका होने पर विवाद चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि सरोज मेहरा के महेंद्र मेहरा निवासी पुरगवां के साथ प्रेम संबंध थे। मृतक को इसकी जानकारी थी, जो विवाद की वजह थी।
शराब पिलाने के बहाने बुलाया
पूछताछ में सरोज मेहरा ने महेंद्र मेहरा के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि योजना के तहत विष्णु रजक, तुलसीराम मेहरा को शराब पिलाने के बहाने बारूरेवा नदी पुल के पास ले गया। कुछ देर बाद महेंद्र मेहरा भी वहां पहुंचा, जहां दोनों ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाडिय़ों में फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने सरोज मेहरा, महेंद्र मेहरा और विष्णु रजक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में अन्य साक्ष्यों की बरामदगी एवं विवेचना जारी है।
जांच में इस टीम ने निभाई सराहनीय भूमिका
अंधी हत्या के खुलासे में निरीक्षक गौरव चाटे, एसआइ आशीष बोपचे, मूलचंद यादव, प्रधान आरक्षक कलावती, शैलेंद्र तिवारी, आरक्षक प्रहलाद, जितेंद्र ठाकुर, राजेश बागरी, रोहित चांदपुरिया, महेंद्र ठाकुर, यमन बागरी, महिला आरक्षक पूजा, कुमुद पाठक, संतकुमारी, एवं शुभम मालवीय नगर रक्षा समिति की मुख्य भूमिका रही है।