
रानी कोठी के पास लगे रेत के ढेर पर संयुक्त टीम।
180 cubic meters of illegal sand नरसिंहपुर. जिले अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जगह-जगह मिल रहे रेत के अवैध स्टाक बता रहे हैं कि किस पैमाने पर रेत का काला कारोबार हो रहा है। बुधवार को बरमानकलां में संयुक्त टीम ने करीब 180 घनमीटर अवैध रेत जब्त की। मामले में अवैध भंडारण का प्रकरण दर्ज कर रेत को ग्राम सचिव एवं ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में सौंप दिया। कार्रवाई के बाद लोग कह रहे हैं कि अब सख्ती से यह जांच होना चाहिए कि आखिर किसके द्वारा और कहां से रेत का अवैध खनन कर यहां स्टाक कराया गया।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन-भंडारण, परिवहन रोकने निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद संयुक्त टीम कलेक्टर रजनी सिंह के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के सहयोग से कार्रवाई कर रही है। बुधवार को नायब तहसीलदार एवं खनिज निरीक्षक अनुपमा सिंह बघेल, हल्का पटवारी, ग्राम कोटवार तथा बरमान पुलिस चौकी की टीम ने शासकीय भूमि के एक हिस्से में, रानी कोटी के उत्तर एवं पश्चिम दिशा में अवैध रूप से भंडारित लगभग 60 ट्रॉली अर्थात 180 घनमीटर रेत बरामद की। खनिज निरीक्षक बघेल ने बताया कि मौके पर रेत का कोई वैध स्वामी नहीं मिलने पर उसे लावारिस मानते हुए जब्त किया गया तथा ग्राम सचिव और ग्राम कोटवार को सुपुर्दगी में सौंपते हुए अवैध भंडारण का प्रकरण दर्ज किया गया। बताया जाता है कि बरमान क्षेत्र में रेत का अवैध खनन रामघाट, बढिय़ाघाट से लेकर छत्तरपुर और आगे हीरापुर-ककरा घाट तक चल रहा है। जहां हर दिन दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रेत लेने पहुंचती हैं, सडक़ों से यह वाहन निकलते हैं लेकिन जिम्मेदार मौन रहते हैं।
जिले भर में तीन माह कहीं नहीं होगा रेत का उत्खनन, प्रतिबंध लागू
जिले में अब तीन माह अर्थात एक अक्टूबर तक रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। कलेक्टर रजनी सिंह के आदेश के अनुसार जिले की सभी नदियों, नालों एवं स्वीकृत रेत खदानों से खनिज रेत का उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के पालन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रभारी अधिकारी खनिज ने बताया कि यह निर्णय राज्य स्तरीय पर्यावरण निर्धारण प्राधिकरण (सिया) के निर्देशों के अनुरूप तथा जिले में मानसून की सक्रियता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश में माइन डेवलपर कम ऑपरेटर एवं अन्य खनिज रियायतधारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि रेत निकासी के लिए बनाई गई अस्थायी संरचनाएं, जैसे पुल-पुलिया, पहुंच मार्ग के लिए डाली गई मिट्टी, मुरम एवं अन्य मलबे को नदी के जल प्रवाह क्षेत्र से समय पर हटाना सुनिश्चित करें, ताकि मानसून के दौरान प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित न हो। प्रतिबंध अवधि के दौरान रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
02 Jul 2026 12:57 pm
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