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जिले की कई एंबुलेंस में दवाइ, स्टपनी, आक्सीजन, अलार्म नहीं, शॉकअप खराब, ऑडिट में खुल रही खामियों की पोल

एंबुलेंसों में मेंटेंनेंस की कमी है, कई में तो दवाइ, स्टपनी, आक्सीजन, अलार्म तक नहीं है, शॉकअप भी खराब हैं, जिससे वे लंबी दूरी तय नहीं कर पातीं। चार सदस्यीय ऑडिट टीम ने अब तक हुई जांच में सामने आईं खामियों में सात दिन के अंदर सुधार करने सेवा संचालन करने वाली कंपनी को निर्देश दिए हैं।
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जिले में अपनी मनमानी कार्यप्रणाली के कारण सुर्खियों में रहने वाली 108 एंबुलेंस सेवाओं में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। अपर संचालक के निर्देश पर शुरू हुई ऑडिट में यह भी उजागर हो रहा है कि संचालित एंबुलेंस कितनी खामियों के साथ अब तक जिले में दौड़ रहीं हैं।

एंबुलेंस वाहनों की जांच करते हुए सीएमएचओ एवं टीम के सदस्य

improve the 108 ambulance services नरसिंहपुर. जिले में अपनी मनमानी कार्यप्रणाली के कारण सुर्खियों में रहने वाली 108 एंबुलेंस सेवाओं में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। अपर संचालक के निर्देश पर शुरू हुई ऑडिट में यह भी उजागर हो रहा है कि संचालित एंबुलेंस कितनी खामियों के साथ अब तक जिले में दौड़ रहीं हैं। एंबुलेंसों में मेंटेंनेंस की कमी है, कई में तो दवाइ, स्टपनी, आक्सीजन, अलार्म तक नहीं है, शॉकअप भी खराब हैं, जिससे वे लंबी दूरी तय नहीं कर पातीं। चार सदस्यीय ऑडिट टीम ने अब तक हुई जांच में सामने आईं खामियों में सात दिन के अंदर सुधार करने सेवा संचालन करने वाली कंपनी को निर्देश दिए हैं।यह सब कार्रवाई विभाग को एंबुलेंस सेवाओं से जुड़ी कई शिकायतों के साथ ही बीते माह सामने आई एंबुलेंस कर्मियों की असंवेदनशीलता के मामले में हो रही है। जिसे पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया था।
जिले में दो एएलस एंबुलेंस, 12 बीएलएस एंबुलेंस, 18 जननी एंबुलेस एवं एक शव वाहन संचालित है। लंबे समय से जिले में एंबुंलेंस वाहनों के मनमाने संचालन की शिकवा-शिकायतें सामने आ रही थीं। सीएमएचओ ने भी उच्च स्तर पर इस संबंध में पत्राचार किया था, लेकिन इसी बीच एक रेफर महिला मरीज को एंबुलेंस कर्मियों की मनमानी और बहानेबाजी के कारण जब परिजनों को पीठ पर लादकर ले जाने का घटनाक्रम सामने आया और शिकायतें हुईं तो विभाग में हडक़ंप मच गया।


अब तक 8 एंबुलेंस वाहनों की जांच
सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा के निर्देशन में चार सदस्यीय टीम अब तक करीब 8 एंबुलेंस वाहनों की जांच कर चुकी है। जिसमें कई स्तर पर गड़बड़ी, कमियां सामने आई हैं। जिनमें सुधार के लिए सीएमएचओ ने कंपनी को सात दिन का समय दिया है।
साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने कहा है।
सीएमएचओ स्वयं भी टीम के साथ फील्ड में पहुंचकर एंबुलेंस की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। निर्देश दिए गए हैं कि इसके बाद दोबारा फॉलोअप ऑडिट कर सुधार कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
कंपनी से मांगे जीपीएस के आइडी पासवर्ड
बताया जाता है कि एंबुलेंस संचालन में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए 108 एवं जननी वाहनों में लगे जीपीएस की आइडी और पासवर्ड भी मांगे गए हैं, ताकि संबंधित अधिकारी वाहनों की वास्तविक लोकेशन पर नजर रख सकें। साथ ही ऑन रोड एंबुलेंस को निर्धारित स्थान पर ही खड़ा रखने तथा रिस्पॉन्स टाइम की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक यह शिकायतें भी सामने आतीं रहीं हैं कि एंबुलेंस चालक अपने वाहन इधर-उधर खड़े किए रहते हैं और मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती, या देर से आती हैं।
ब्लाक स्तर पर भी मजबूत होगी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग विकासखंड स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी में है। प्रत्येक बीएमओ को अपने क्षेत्र की 108 एवं जननी सेवाओं की जवाबदेही सौंपी जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि वर्तमान में संचालित अधिकांश 108 एंबुलेंस 4 से 5 लाख किलोमीटर चल चुकी हैं और उनमें कई तकनीकी खामियां हैं। इन्हें देखते हुए राज्य स्तर पर नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
शिकायतों में अब तक कार्रवाई
पायलट एवं इएमटी को हटाया
108 जिला प्रबंधक का तबादला
नोडल अधिकारी बदला

जांच व्यवस्था
जिला स्तर पर 4 सदस्यीय ऑडिट टीम गठित
7 दिन में कमियां दूर करने के आदेश
वास्तविक लोकेशन ट्रैक होगी
रिस्पॉन्स टाइम की नियमित जांच होगी
बीएमओ को भी जिम्मेदारी दी जाएगी
नई 108 एंबुलेंस की मांग की जाएगी

वर्जन
जांच में बहुत सारी गड़बड़ी मिली हैं, मेंटेंनेंस की कमी है, कई में तो दवाइ, स्टपनी, आक्सीजन, अलार्म तक नहीं है, शॉकअप भी खराब हैं, ज्यादातर आउट आफ रोड रहती हैं इसलिए वेटिंग टाइम बढ़ता है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हमनें संबंधितों को नोटिस देकर सुधार करने निर्देश दिए हैं। मैं स्वयं टीम के साथ आगे भी वाहनों की जांच करुंगा। जिससे मरीजों को समय पर सुविधा मिल सके।
डॉ. मनीष मिश्रा, सीएमएचओ नरसिंहपुर

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