
राजीव वार्ड की रोड पर भरा पानी।
rainfall starting नरसिंहपुर. जिले में बारिश का आगाज देर आयद दुरुस्त आयद की तर्ज पर जोरदार ढंग से हो गया है। गुरुवार की अलसुबह से शुरू हुई चंद घंटों की बारिश में ही पूरा जिला तरबतर हो गया है। नर्मदा समेत अन्य नदियों का जल मटमैला होने के साथ ही धीरे-धीरे बढऩे लगा है। वहीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह जलभराव की समस्या सामने आने लगी है। बारिश के जोर भरने के पहले ही जिले के 7 प्रमुख घाटों पर होमगार्ड की पांच-पांच सदस्यीय टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। जबकि 8-8 सदस्यों वाली 4 टीमों को रिजर्व के रूप में लाइन में रखा गया है जो सूचना पर तत्काल मौके पर पहुुंचते ही बचाव कार्य शुरू करेंगी। बीते 24 घंटे में जिले भर में औसतन 26.4 मिमी बारिश आंकी गई हैं। बादल छाए रहने से बारिश की आशंका बनी हुई है।
उमस भरी गर्मी से परेशान जिले के लोग अच्छी बारिश का कई दिनों से इंतजार कर रहे थे, गुरुवार की अलसुबह से बारिश की जोरदार झड़ी जो शुरू हुई तो दोपहर बाद तक बारिश होती रही। जिससे लोगों को सुबह घरों से कामकाज, व्यापार के लिए निकलने में परेशानी रही, लोग छाता, रैनकोट के सहारे निकले, वहीं बाजार में लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। दोपहर बाद जब मौसम ने थोड़ी राहत दी तो लोग घरों से निकले और बाजार में चहल-पहल बढ़ी, लेकिन बारिश की आशंका रहने से लोगों की जल्दी घर वापिसी होने से बाजार भी आम दिनों के मुकाबले जल्दी सिमटने लगा।
स्कूल परिसरों से लेकर सडक़ों-वार्डो तक जलभराव से समस्या
जिला मुख्यालय में बारिश की पहली जोरदार झड़ी में ही निकाय और शिक्षा विभाग द्वारा पानी निकासी के लिए कराए गए प्रबंधों की पोल खोल दी है। नगर के नेहरु स्कूल परिसर, एमएलबी स्कूल परिसर, सांदीपनि स्कूल परिसर समेत अन्य स्कूलों के परिसरों में बारिश का पानी जमा होने से छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी रही। नेहरु स्कूल परिसर की तो हालत यह रही कि मुख्य गेट से लेकर स्कूल भवन के आसपास तक पानी जमा रहा। वहीं नगर की सडक़ों के आसपास भी जलभराव और नालियों के ओवरफ्लो होने से गंदगी सडक़ों पर जमा हो गई। राजीव वार्ड स्थित इतबारा बाजार की रोड पर इतना पानी भर गया कि लोगों को पैदल निकलने के लिए चक्कर लगाकर जाने की नौबत बनी। सींगरी नदी के तटीय क्षेत्र से लगे वार्डो समेत निचली बसाहट वाले वार्डो में भी नालियों की गंदगी सडक़ों पर आने से लोग परेशान रहे। नगर की पॉश कही जाने वाली कॉलोनियों में भी कई कच्ची-पक्की सडक़ों पर कीचड़-फिसलन ने लोगों का घरों तक आना-जाना मुश्किल कर दिया। सिंधी कॉलोनी में भी रोड पर पानी भर गया। नागरिक कह रहे हैं कि अभी तो बारिश का मौसम सही मायने में शुरू हुआ है और नगर की यह हालत है तो आने वाले दिनों में परेशानियां दोगुनी होंगी। निकाय को पानी निकासी के साथ ही वार्डो-कॉलोनियों की कच्ची सडक़ों को आवागमन लायक बनाए रखने अभी से कार्य कराना चाहिए।
24 घंटे में गाडरवारा-तेंदूखेड़ा तहसील में सर्वाधिक बारिश
जिले में बीते 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक बारिश गाडरवारा और तेंदूखेड़ा तहसील में आंकी गई है। भू अभिलेख विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में गाडरवारा में 59, तेंदूखेड़ा में 45, नरसिंहपुर तहसील में 13, गोटेगांव में 10 व करेली तहसील में 5 मिमी बारिश आंकी गई है।
नर्मदा तटों पर निगरानी बढ़ी, लोगों को किया जा रहा सतर्क
होमगार्ड के सहायक प्लाटून कमांडर वीरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि नर्मदा के झिकोली, ककराघाट, बरमान के रेत एवं सीढ़ी घाट, झांसीघाट में पांच-पांच सदस्यीय टीम एक-एक मोटरबोट के साथ तैनात है। इसी तरह शक्कर नदी के बोदरी घाट, नयागांव घाट में एक-एक पांच सदस्यीय टीम को तैनात किया गया है। जो बारिश के सीजन में नर्मदा के तटीय क्षेत्र की निगरानी करते हुए लोगों को सतर्क करेगी। वहीं रिजर्व में 4 टीमों को रखा गया है जिसमें प्रत्येक टीम में 8 सदस्यों के साथ ही एक-एक मोटरबोट, रस्सी, टार्च समेत अन्य बचाव सामग्री है। बारिश के मौसम में जहां से भी किसी अप्रिय स्थिति की सूचना मिलेगी तो लाइन की टीम मौके पर भेजी जाएगी। नर्मदा के प्रमुख तटीय क्षेत्रों में स्थानीय तैराकों को भी मदद के लिए तैयार किया गया है।
Published on:
03 Jul 2026 01:35 pm
