नरसिंहपुर

डॉक्टर ने लिखी थी हत्या की स्क्रिप्ट, आनंद मुख्य किरदार, इंदिरानगर हत्याकांड के वक्त आरोपी एक-दूसरे को दे रहे थे पल-पल की अपडेट

डॉ. को जब राजेंद्र और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच वर्चस्व की रंजिश का पता चला तो उसने ही हत्याकांड की स्क्रिप्ट आनंद को बताई थी। जिस दिन घटना हुई उस दिन सभी आरोपी एक-दूसरे से लगातार कनेक्ट रहकर पल-पल की जानकारी अपडेट कर रहे थे।
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जबलपुर-भोपाल हाइवे क्रमांक 45 पर इंदिरानगर के पास हाइवा चढ़ाकर पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने जो 8 आरोपी पकड़े हैं। उनमें शामिल डॉ. अमित खरे ने ही पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट लिखी थी और आनंद लोधी समेत अन्य घटना को अंजाम देने वाले किरदार थे।
शनिवार को हत्याकांड का खुलासा करते एसपी,एएसपी, पीछे खड़ी जांच टीम।

murder of five people नरसिंहपुर. जबलपुर-भोपाल हाइवे क्रमांक 45 पर इंदिरानगर के पास हाइवा चढ़ाकर पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने जो 8 आरोपी पकड़े हैं। उनमें शामिल डॉ. अमित खरे ने ही पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट लिखी थी और आनंद लोधी समेत अन्य घटना को अंजाम देने वाले किरदार थे। लेकिन पुलिस की सूक्ष्म जांच और लोगों से मिली जानकारी के आधार पर जब पुलिस ने संदिग्धों पर शिंकजा कसना शुरू किया तो आरोपियों के मंसूबों पर पानी फिर गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि डॉ. खरे के विवादित एमएलबी रिपोर्ट तैयार करने के मामलों की मृतक राजेंद्र पटेल को जानकारी थी और वह उसे ब्लैकमेल भी करता था। डॉ. को जब राजेंद्र और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच वर्चस्व की रंजिश का पता चला तो उसने ही हत्याकांड की स्क्रिप्ट आनंद को बताई थी। जिस दिन घटना हुई उस दिन सभी आरोपी एक-दूसरे से लगातार कनेक्ट रहकर पल-पल की जानकारी अपडेट कर रहे थे।
सुआतला थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इंदिरानगर में हुए इस हत्याकांड ने जिले को नहीं बल्कि जबलपुर जिले में भी सनसनी मचा दी थी। घटना की रात एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना, एएसपी संदीप भूरिया ने टीम के साथ मौके की जांच शुरू की तो घटनास्थल की स्थिति ही बयां करने लगी कि यह घटना नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है। क्योंकि पुलिस ने जांच में पाया कि जिस हाइवा ने युवकों को टक्कर मारी उसका एक पहिया ही रोड से उतरा और फिर वापिस सडक़ पर वाहन आ गया, न तो ज्यादा दूरी तक पहिया सडक़ से नीचे रहा और न ही किनारे लगी जाली को कोई नुकसान हुआ। यहां से पुलिस की आशंका बढ़ी तो मौके से मिले एक टूटे हुए मोनोग्राम
और आसपास के लोगों से मिली जानकारी ने जांच को गति दे दी।

वाहन में खराबी आने से आरोपियों को पैदल न्यायालय ले जाती पुलिस।


राजेंद्र करता था आनंद के साथियों के साथ मारपीट
शनिवार को एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने घटना की परतें खोलते हुए कहा कि राजेंद्र और आनंद के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। दोनों के खिलाफ जबलपुर जिले में कई अपराध दर्ज हैं, राजेंद्र कई बार आनंद के साथ रहने वाले लडक़ों के साथ मारपीट कर चुका था, जिसके कारण भी दोनों के बीच रंजिश चरम पर थी। डॉ. खरे ने जब आनंद को बताया कि राजेंद्र से वह भी परेशान है और उसे रास्ते से हटाना है तो आनंद ने अपने साथियों को राजेंद्र की गतिविधियों की निगरानी में लगा दिया। आनंद के मुखबिरों ने बताया कि राजेंद्र सप्ताह में एक दिन हाथीनाला तरफ जरूर जाता है। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने आरोपियों ने तैयारी की। आरोपियों ने घटना को अंजाम देने एक हाइवा व एक डंपर का उपयोग किया।

हत्याकांड के वक्त आरोपी एक-दूसरे को दे रहे थे पल-पल की अपडेट


डॉक्टर को फोन कर बोला था काम हो गया
एसपी ने बताया कि घटना करने के बाद हाइवा को आनंद ने जंगल मेंं छुपा दिया था और कार बुलाकर वह वापिस अपने घर पहुंचा। उसने डॉ. खरे को सूचना भी दी थी कि काम हो गया है। जब मुख्य आरोपी को पता चला कि पुलिस उसकी व अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है तो वह बचने के जतन करने लगा। वह अपनी कार लेकर गोटेगांव थाना क्षेत्र के बुधगांव गया और वहां सतीश पटेल के यहां कार छोडकऱ उसकी थार लेकर निकल गया, उसने यह भी बताया कि उसकी गाड़ी से दुर्घटना हो गई है इसलिए वह थार लेकर जा रहा है। वहीं डॉ. अमित खरे भी दमोह के रास्ते छतरपुर तरफ भागने की फिराक में था। जिसे दमोह पुलिस की मदद से पकड़ा गया।
घटना में इन लोगों की हुई थी मौत
इंदिरा नगर में हुई घटना में राजेंद्र पावला निवासी राजेंद्र पटेल की मौके पर मौत हुई थी। वहीं शहपुरा में इलाज दौरान वीरेंद्र लोधी, राजपाल लोधी पावला एवं जयपाल लोधी निवासी बरपटी की मौत हुई थी। आकाश लोधी, नीरज लोधी को जबलपुर रेफर किया गया था लेकिन रास्ते में ही नीरज की मौत हो गई थी।
वाहन बिगडऩे से पैदल आरोपियों को ले गई पुलिस
शनिवार को सभी आरोपियों को पुलिस जेल के वाहन से लेकर आई, लेकिन शहर में वाहन में कुछ खराबी आने से पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों को पैदल ही न्यायालय ले गई। पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही और आरोपी मुंह छुपाते नजर आए।
जांच कार्रवाई में इस टीम की रही भूमिका
प्रकरण की जांच-कार्रवाई में एसडीओपी तेन्दूखेडा अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी के नेतृत्व में निरीक्षक गौरव चाटे, किशोर वामनकर,प्रियंका केवट, एसआइ मनीष मरावी, आशीष बोपचे, एएसआइ सुमित तिवारी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, राजेश वागरी, जितेन्द्र ठाकुर, कुलदीप सोमकुंवर, अशोक कुमार, आरक्षक पंकज राजपूत एवं अजय ठाकुर की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
घटना से लोगों को याद आया बहोरीपार कांड
हाइवे पर इंदिरानगर के पास हुए इस हत्याकांड ने लोगों को गोटेगांव-नरसिंहपुर स्टेट हाइवे पर वर्ष 2012 में बहोरीपार के पास हुए घटनाक्रम की याद ताजा कर दी। जिसमें डंपर से कुचलकर गोटेगांव क्षेत्र निवासी मनोज चौकसे, बलराम राजपूत की हत्या हुई थी। इस मामले को पहले दुर्घटना बताया जा रहा था, लेकिन बाद में एसआइटी जांच हुई तो हत्या की कहानी सामने आई थी, जिसके पुलिस ने कुछ आरोपियों को पकड़ा था। यह प्रकरण अभी विचाराधीन भी बताया जाता है।

Updated on:
26 Jul 2026 12:06 pm
Published on:
26 Jul 2026 12:06 pm
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