
Pradhan Mantri Awas Yojana नरसिंहपुर. जिले में लोगों को पात्रता के बाद भी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने विपरीत मौसम में कलेक्ट्रेट आकर गुहार लगाना पड़ रही है। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यूूं तो गांव-गांव पक्के मकान बन रहे हैं लेकिन योजना के लाभ से वंचित हितग्राहियों की संख्या कम नहीं हो रही है। बारिश के मौसम में कच्चे, झोपड़ीनुमा घरों में गुजर कर रहे ग्रामीणों के लिए मौसम से ज्यादा तकलीफ पात्रता के बाद भी पंचायतों की अनदेखी दे रही है। मंगलवार को जिले के कई गांवों से ग्रामीण, महिलाएं मौसम खराब होने के बाद भी लाभ की उम्मीद लिए आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, ताकि सुनवाई हो सके और योजना का लाभ मिल सके।
जनपद चांवरपाठा के ग्राम बिल्थारी से करीब 25 ग्रामीण महिलाओं समेत आवास योजना का लाभ न मिलने से परेशान होकर कलेक्ट्रेट आए। ग्रामीणों का आरोप रहा कि उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, अनदेखी हो रही है। इसी जनपद के ग्राम भौंरझिर से आए ग्रामीणों ने कहा कि चार-पांच दशक से वह कच्ची टपरिया में गुजर कर रहे हैं, पात्र होने के बाद भी उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि जिनके पास जमीन, ट्रैक्टर हैं उन्हें लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन के साथ गांव के 32 लोगों के नामों की सूची भी दी, उन्हें अपात्र किंतु योजना से लाभाविंत बताया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पंचायत की जांच कराई जाए तो पूरी गडबड़ी उजागर हो जाएगी।
सालीचौका में पुराने रास्ते से कब्जा हटवाने मांग
सालीचौका नगर परिषद के वार्ड 5 निवासी नागरिकों को भी रास्ता खुलवाने जैसी मांग को हल कराने कलेक्ट्रेट आने की नौबत बनी। लोगों ने कहा कि 50-60 साल पुराने रास्ते को बंद किए जाने से आवागमन में परेशानी है।
शिकायती आवेदनों की बढ़ रही संख्या
कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में हर मंगलवार को शिकायतों की संख्या अधिक रहती है। जिला प्रशासन भले ही मैदानी अमले को लोगों की समस्याओं का निराकरण तत्परता से करने निर्देशित कर रहा है लेकिन जनपद से लेकर पंचायत और तहसील स्तर पर लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। जिससे लोगों को आर्र्थिक, मानसिक, शारीरिक परेशानियों को सहते हुए कलेक्ट्रेट आने की लाचारी बढ़ रही है। मंगलवार को कलेक्टर रजनी सिंह की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में करीब 120 आवेदन पहुंचे। जिसमें कुछ आवेदनों में त्वरित निराकरण की कार्रवाई हुई वहीं जिनका निराकरण नहीं हो सका उनके संबंध में समय-सीमा में निराकरण के लिए निर्देशित किया गया।