upcoming Union Budget. नरसिंहपुर. आगामी केंद्रीय बजट को लेकर किसानों और आम नागरिकों में कई अपेक्षाएं और उम्मीदें हैं। जिले के किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और अस्थिर बाजार व्यवस्था के कारण खेती लगातार महंगी होती जा रही है, ऐसे में बजट से ठोस और व्यावहारिक कदमों की अपेक्षा है।बुधवार को पत्रिका के […]
upcoming Union Budget. नरसिंहपुर. आगामी केंद्रीय बजट को लेकर किसानों और आम नागरिकों में कई अपेक्षाएं और उम्मीदें हैं। जिले के किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और अस्थिर बाजार व्यवस्था के कारण खेती लगातार महंगी होती जा रही है, ऐसे में बजट से ठोस और व्यावहारिक कदमों की अपेक्षा है।
बुधवार को पत्रिका के टॉक शो में विमलेश पटेल, प्रदीप गुमास्ता, रामजी गुमास्ता, मातवर सिंह, कमलेश पटेल, लोकेश पटेल, तेजबल पटेल, धनीराम पटेल, दयाराम, नीलेश, मूरत सिंह, रामेश्वर पटेल, प्रदीप, सोमनाथ एवं राजेश आदि ने सहभागिता की।
किसानों का मानना है कि खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतों पर नियंत्रण के साथ-साथ सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए। समर्थन मूल्य को लाभकारी बनाते हुए उसकी समय पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आ रही है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना को और सरल व प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
बढ़ते खर्चो के बीच राहत मिलना जरूरी
वहीं आम नागरिकों को बजट से महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद है। घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुओं, ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में राहत मिलने की अपेक्षा जताई जा रही है। मध्यम वर्ग का कहना है कि आयकर में छूट की सीमा बढ़ाई जाए, जिससे बढ़ते खर्चों के बीच कुछ राहत मिल सके।
आसान ऋण व्यवस्था पर हो विशेष ध्यान
युवाओं और रोजगार से जुड़े वर्गों की नजर भी आगामी बजट पर टिकी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बजट में रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों के लिए आसान ऋण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर किसान, आम नागरिक और मध्यम वर्ग आगामी केंद्रीय बजट से ऐसी घोषणाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जो महंगाई से राहत देने के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता और विकास को गति प्रदान कर सकें।