यह है एमपी का गुड़-गांव,खाड़ी देशों में धूम मचा रहा यहां का जैविक गुड़…देखें वीडियो 

पिछले साल 200 क्विंटल गुड़ सप्लाई किया गया था खाड़ी देशों को इस बार आंध्र प्रदेश से भी मिला ऑर्डर

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Dec 23, 2016
jaggery
अजय खरे। हरियाणा के गुडग़ांव के बारे में तो सभी जानते हैं पर एमपी के नरसिंहपुर में भी एक गांव ऐसा है जो अपने गुड़ की मिठास और सबसे ज्यादा गुड़ उत्पादन की वजह से एमपी के गुड़ गांव के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। लोग इसे एमपी का गुड़ गांव कहने लगे हैं। पूरे गांव में गुड़ की भट्टियां चलती हैं जिनमें बड़ी मात्रा में गुड़ तैयार किया जाता है।खास बात यह है कि यहां तैयार किया जाने वाला जैविक गुड़ खाड़ी देशों तक सप्लाई किया जाता है। इस बार यहां के गुड़ निर्माताओं को आंध्र प्रदेश से भी ऑर्डर मिला है। जिससे गुड़ बनाने वालों में अपने धंधे को लेकर भारी उत्साह है।

हर तरफ गुड़ की खुशबू
गन्ना उत्पादन के मामले में प्रदेश में प्रथम होने का गौरव प्राप्त इस पूरे जिले में गुड़ बनाया जाता है पर करेली और गाडरवारा में गुड़ का उत्पादन ज्यादा होता है। करेली के लगभग हर गांव में गुड़ की भट्टियां यानी गुड़ इकाइयां देखने को मिलती हैं। इन दिनों यह पूरा क्षेत्र गुड़ की खुशबू से महक रहा है।

यह है गुड़-गांव, चल रहीं 100 इकाइयां
करेली ब्लाक के कोदसा गांव में करीब 100 गुड़ इकाइयां संचालित हैं। गांव में जहां नजर डालो वहां गुड़ बनता नजर आता है और हर तरफ हवा में इसकी मीठी-मीठी खुशबू मदमस्त करती है। इसके अलावा गोंगावरी गांव में भी बड़ी संख्या में गुड़ भट्टियां चल रही हैं। इस क्षेत्र में गुड़ उत्पादन की बेहतर स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर 100 मीटर पर एक भट्टी नजर आती है।

यहां है एमपी की सबसे बड़ी गुड़ मंडी
एमपी में करेली मंडी गुड़ की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है। अकेले इस मंडी क्षेत्र में 7 से 8 लाख क्विंटल प्रति वर्ष गुड़ का उत्पादन किया जाता है। जिले में बनाए जाने वाले कुल गुड़ का करीब 55 प्रतिशत उत्पादन करेली में होता है। इसे गुड़ हब का दर्जा दिया गया है।

बिना किसी केमिकल के उगाए गए गन्ना और बिना केमिकल के तैयार किए गए गुड़ को जैविक गुड़ की श्रेणी में रखा जाता है।पिछले साल यहां से 200 क्विंटल गुड़ खाड़ी देशों को निर्यात किया गया था। जैविक गुड़ का रेट भी 60 से 65 रुपए प्रति किलो था।
जितेंद्र सह,संचालक कृषि विभाग
करेली मंडी एमपी में गुड़ की सबसे बड़ी मंडी है। जिले में कुल गुड़ उत्पादन का 55 प्रतिशत करेली में होता है।इसे गुड़ का हब कहा जाता है।बिना केमिकल के तैयार किए गए जैविक गुड़ के रेट अच्छे मिलते हैं।
अरविंद सिंह परिहार,मंडी सचिव करेली
यहां के गुड़ की शुद्धता और स्वाद की वजह से पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां के गुड़ निर्माताओं को आंध्र प्रदेश सरकार ने 50 गाड़ी गुड़ सप्लाई का ऑर्डर दिया है जिसके लिए आधा किलो की पैकिंग तैयार की जा रही है।
हेमंत ठाकुर, गुड़ निर्माता


Published on:
23 Dec 2016 09:27 pm
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