जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान में नर्मदा नदी में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार को छिंदवाड़ा जिले के दो युवकों की नर्मदा के सीढ़ी घाट पर नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। मृतक आपस में कौटुंबिक भाई हैं जो परिवार-रिश्तेदारों के साथ बस से खारी अर्थात चौथा कार्यक्रम करने बरमान पहुंचे थे। पुलिस ने मामले में मर्ग पंचनामा की कार्रवाई की है।

Incidents of drowning in the Narmada River नरसिंहपुर. जिले के प्रमुख तीर्थ क्षेत्र बरमान में नर्मदा नदी में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार को छिंदवाड़ा जिले के दो युवकों की नर्मदा के सीढ़ी घाट पर नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। मृतक आपस में कौटुंबिक भाई हैं जो परिवार-रिश्तेदारों के साथ बस से खारी अर्थात चौथा कार्यक्रम करने बरमान पहुंचे थे। पुलिस ने मामले में मर्ग पंचनामा की कार्रवाई की है।
घटना में छिंदवाड़ा निवासी मुकेश चौरे ने बताया कि मां का निधन होने के बाद चौथा कार्यक्रम होता है, जिसे करने बस से परिवार-रिश्तेदार के करीब 50 लोग बरमान आए थे। दोपहर करीब तीन-साढ़े तीन बजे कार्यक्रम के बाद सभी ने नहाया, इसी दौरान भतीजा आदित्य पिता दिनेश चौरे 22 वर्ष और कुटुंब का ही अमन पिता राजेंद्र चौरे 21 वर्ष नहाने लगे। इसी दौरान अमन का पैर फिसला तो आदित्य उसे बचाने का प्रयास करने लगा और दोनों डूृब गए।
घाट पर जब दोनों को बचाने लोगों से मदद मांगी तो स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों को कुछ देर में ही पानी से निकाल लिया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अमन और आदित्य की मौत हो चुकी थी। बरमान चौकी प्रभारी आशीष बोपचे ने बताया कि मामले में मर्ग पंचनामा की कार्रवाई की गई है। पुलिस को घटना की सूचना शाम करीब 4 बजे मिली।
24 घंटे में दूसरी घटना
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले गुरुवार को भी बरमान के रेतघाट क्षेत्र में नहाने के दौरान ग्राम पिपरिया निवारी निवासी ऋतिक पिता गेंदालाल चढ़ार 21 वर्ष एवं अभिषेक पिता संतोष चढ़ार 21 वर्ष निवासी गुंदरई थाना सुआतला की रेतघाट में डूबने से मौत हो गई थी। जिनके शवों का परीक्षण शुक्रवार को हुआ। नर्मदा के दोनों घाटों पर 24 घंटे के दौरान दूसरी बड़ी घटना से लोग हैरान हैं। बीते कुछ समय में रेतघाट और आसपास के क्षेत्रों में डूबने की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रहे हादसों के बाद नर्मदा तट के संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेतक और निगरानी व्यवस्था की गई है। लेकिन इसके बाद भी हादसे नहीं थम रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।