एक बैगन बनाओ और पूरे परिवार को छक कर खिलाओ

बरमान का बीज रहित भटा अपने स्वाद और बड़े आकार के कारण है खास,चिकने और चमकदार एक भटे का वजन 5 किलो तक होता है 

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Dec 24, 2016
bhata
अजय खरे@ नरसिंहपुर। अगर आप नर्मदा किनारे भटा(बैगन) का टेस्टी भर्ता खाना चाहते हैं तो एक बार आपको बरमान जरूर आना चाहिए। यहां के भटा की बात ही कुछ निराली है। भर्ता बनाने के लिए भी ज्यादा संख्या में भटा जुटाने की जरूरत नहीं बस एक भटा पकाओ और पूरा परिवार चटकारे लेकर मजे से खा जाओ।यह बात सुनने में भले ही अचरज भरी लगे पर है एकदम सच।

रासायनिक खाद के बिना उगाया जाता है
हम बात कर रहे हैं नरसिंहपुर जिले के बरमान के खास देशी भटा की जो बिना किसी रासायनिक खाद के प्राकृतिक रूप से नर्मदा के तटों पर उगाया जाता है और जिसका आकार भी ऐसा कि लोग भ्रमित हो जाएं कि यह भटा है या लौकी। जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर स्थित बरमान का भटा अपने स्वाद के अलावा इस बात में भी खास है कि इसमें बीज नहीं होते। चिकने और चमकदार एक भटे का वजन 5 किलो तक होता है।

दूर-दूर से भटा का भर्ता खाने आते हैं लोग
बात चाहे दाल बाटी की हो या फिर बाटी-भर्ते की बरमान के भटा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।इसकी पैदावार बरमान में सतधारा पुल के नीचे से बरियाघाट के किनारे के क्षेत्र में ज्यादा होती है। मकर संक्रांति पर लगने वाले प्रसिद्ध बरमान मेला में लाखों की संख्या में लोग भटे के भर्ता और बाटी का आनंद लेते हैं। इसके अलावा अन्य दिनों में लोग रेतघाट पर बाटी- भर्ता की पार्टियां करने आते हैं।भटा की खेती करने वाला यहां एक विशेष समुदाय है जिस स्थानीय बोली में बरउआ कहा जाता है।यह उनकी आजीविका का एक प्रमुख साधन है। बरमान के भटा की नरसिंहपुर के अलावा पड़ोसी जिलों में भी बड़ी डिमांड रहती है।

बैगन में पाए जाते हैं ये तत्व

विटामिन-बी-6
विटामिन-सी
फाइबर
पोटेशियम
एंटीऑक्सीडेंट

इनका कहना है
बरमान में नर्मदा तट पर उगाया जाने वाला देशी भटा अपने स्वाद और बड़े आकार के लिए जाना जाता है। यहां की मिट्टी की उर्वरा शक्ति का यह कमाल है कि यहां काफी बड़े आकार और वजन के भटा बिना किसी खाद के पैदा होते हैं।
जितेंद्र सिंह, उप संचालक कृषि विभाग

Published on:
24 Dec 2016 08:04 pm
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