नरसिंहपुर

नए मास्टर प्लान से शहर के सुनियोजित विकास की उम्मीद पंचायत मंत्री की मौजूदगी में बैठक कर रायशुमारी

नगरीय क्षेत्र के समुचित और व्यवस्थित विकास के लिए दूसरा मास्टर प्लान भले ही लागू नहीं हो सका हो लेकिन अब नए मास्टर प्लान को लेकर कवायद शुरू हो गई है। जिससे शहर के सुनियोजित विकास की उम्मीद जगी है।

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नगरीय क्षेत्र के समुचित और व्यवस्थित विकास के लिए दूसरा मास्टर प्लान भले ही लागू नहीं हो सका हो लेकिन अब नए मास्टर प्लान को लेकर कवायद शुरू हो गई है। जिससे शहर के सुनियोजित विकास की उम्मीद जगी है।
नगर के नए मास्टर प्लान पर चर्चा करते हुए पंचायत मंत्री, कलेक्टर

Narsinghpur city's master plan नरसिंहपुर. नगरीय क्षेत्र के समुचित और व्यवस्थित विकास के लिए दूसरा मास्टर प्लान भले ही लागू नहीं हो सका हो लेकिन अब नए मास्टर प्लान को लेकर कवायद शुरू हो गई है। जिससे शहर के सुनियोजित विकास की उम्मीद जगी है। बुधवार को प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नगर के मास्टर प्लान अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं, गतिविधियों, नरसिंहपुर नगर के सौंदर्यीकरण और विस्तार के लिए शहर के नागरिकों से राय ली जा रही है। सींगरी नदी नरसिंहपुर नगर की प्रमुख नदी है। इस प्लान में सींगरी नदी का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण और नरसिंहपुर नगर तथा ग्राम निवेश पर विस्तृत चर्चा होगी। जिससे नरसिंहपुर नगर के मास्टर प्लान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी अपनी राय देंगे।
मंत्री पटेल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नरसिंहपुर नगर के मास्टर प्लान के संबंध में बैठक की। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति नीलेश काकोडिय़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अनीता राजेन्द्र ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष नीरज दुबे, कलेक्टर रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश, एएसपी संदीप भूरिया, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, सुनील कोठारी, अन्य जनप्रतिनिधि, व्यापारी, गणमान्य नागरिक और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में लोगों की आवक इतनी रही कि पूरा सभाकक्ष भरा रहा।
पुरानी व नवीन योजनाओं की समीक्षा
मंत्री ने नरसिंहपुर नगर के मास्टर प्लान अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति और रोडमैप पर बिंदुवार समीक्षा की। कहा कि जारी निर्माण कार्यों को पूरी निष्ठा एवं गुणवत्ता के साथ नियत समयावधि में पूर्ण करें। उन्होंने नरसिंहपुर नगर के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रही पुरानी व नवीन विकास योजनाओं की समीक्षा की। प्लान अंतर्गत आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, सार्वजनिक एवं अद्र्धसार्वजनिक स्थलों, सार्वजनिक उपयोगिताएं व सुविधाएं, पार्किंग स्थल, यातायात परिवहन व्यवस्था सहित सडक़ मार्ग एवं रेलवे मार्ग के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
बेहतर सडक़ों के निर्माण पर जोर
कहा कि मास्टर प्लान के अंतर्गत आवासीय क्षेत्रों में आवागमन हेतु बेहतर सडक़ों का निर्माण होगा। पार्किंग व्यवस्था, उचित जल निकासी प्रबंध एवं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाना होगा। वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों पर चर्चा की। पार्किंग स्थल, पार्क, बाजार और सुलभ शौचालय इत्यादि की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
यातायात-परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे
यातायात एवं परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।शहर से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए अधिकांश प्रमुख मार्गों को राजमार्ग से जोड़े जाएंगे। रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण होने से आवागमन सुगम हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में शहर के विभिन्न विकास क्षेत्रों को चिन्हांकित किया गया है। इन क्षेत्रों में नगर विकास कार्य एवं गतिविधियां संचालित हैं। नरसिंहपुर नगर क्षेत्र में आसपास के क्षेत्रों को जोडऩे का कार्य किया जाएगा, जिससे नरसिंहपुर नगर के क्षेत्र में विस्तार हो सके।
दूसरा प्लान नहीं हो सका लागू
ज्ञात रहे कि नरसिंहपुर का पहला मास्टर प्लान वर्ष 2010 में लागू हुआ था। यह प्लान वर्ष 2021 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। वर्ष 2021 से 2035 के लिए दूसरा मास्टर प्लान तैयार हुआ, लेकिन शासन स्तर से वापस भेजे जाने के कारण लागू नहीं हो सका। दूसरे प्लान में शहर की अनुमानित आबादी 1.35 लाख मानी गई थी। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अनुसार वर्ष 2045 तक नरसिंहपुर की आबादी करीब 1.70 लाख तक पहुंच सकती है। इसी अनुमानित जनसंख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को आधार बनाकर तीसरा मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
मास्टर प्लान के प्रमुख फोकस
सींगरी नदी का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण
आवासीय क्षेत्रों में बेहतर सडक़ और जल निकासी व्यवस्था
वर्षा जल संचयन और पार्किंग व्यवस्था को बढ़ावा
वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
पार्क, बाजार और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं का विस्तार
यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाना
प्रमुख मार्गों को राजमार्गों से जोडऩा
शहर से जुड़े आसपास के क्षेत्रों का नियोजित विस्तार
रेलवे ओवरब्रिज के माध्यम से आवागमन को बेहतर बनाना

Published on:
18 Jun 2026 01:34 pm