pm narendra modi mp visit- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह जून माह की 6 तारीख को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा पहुंचेंगे...। पीएम के दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं...।
pm narendra modi gadarwara visit- मध्यप्रदेश को एक बार फिर बड़ी सौगातें मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। इस बार प्रधानमंत्री का दौरा नरसिंहपुर जिले का प्रस्तावित है, जहां वे गाडरवारा तहसील में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन विस्तार परियोजना के विस्तार के लिए भूमिपूजन करने आ सकते हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री को गाडरवारा आने का न्योता दिया था। पीएम के संभावित दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दौरा प्रस्तावित है, आधिकारिक आदेश नहीं आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा आने की सूचना है। मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी एनटीपीसी सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन का भूमिपूजन करेंगे। जनवरी 2026 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाडरवारा आने का न्योता दिया था। हमारे नरसिंहपुर रिपोर्टर प्रकाश चौबे ने अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि फिलहाल आधिकारिक सूचना नहीं आई है, दौरा प्रस्तावित है।
सीएम मोहन यादव ने जनवरी में नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर गाडरवारा परियोजना के भूमिपूजन का अनुरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
गाडरवारा में सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन है, जिसके विस्तार किया जा रहा है। 1600 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिट (27800 मेगावाट) स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इस बड़ी परियोजना से मध्यप्रदेश में बिजली की उत्पादन क्षमता में विस्तार होगा और औद्योगिक और घरेलू जरूरतों को भी पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील मेंगंगई गांव में स्थित है यह परियोजना।
1600 मेगावाट (2 इकाइयां 800 मेगावाट) की नई क्षमता वाली होंगी।
लगभग 20 हजार 446 करोड़ की कुल लागत आएगी।
2029-30 तक परियोजना पूरा करने का टारगेट।
अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल होगा
एयर कूल्ड कंडेसर का भी उपयोग किया जाएगा।
कूलिंग टॉवर वाले संयंत्रों से एक तिहाई पानी की बचत होगी।