robbery of about one crore rupees नरसिंहपुर. शहर की एक होटल में करीब एक करोड़ रुपए की लूट के मामले में जो सात आरोपी पकड़े गए हैं। उनमें जबलपुर निवासी दो नाबालिगों को पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस की पतासाजी और पूछताछ में जो तथ्य निकलकर […]
robbery of about one crore rupees नरसिंहपुर. शहर की एक होटल में करीब एक करोड़ रुपए की लूट के मामले में जो सात आरोपी पकड़े गए हैं। उनमें जबलपुर निवासी दो नाबालिगों को पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस की पतासाजी और पूछताछ में जो तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं उनमें किसी आरोपी को कर्ज चुकाना था तो किसी का प्लाट खरीदकर ऑलीशान मकान बनाना, महंगे शौक पूरा करने का सपना था जबकि एक की मंशा थी कि लूट के पैसों से वह अपनी महिला दोस्त पर खूब पैसा खर्च करेगा और अपने सपनों को भी सच करेगा। हालांकि पुलिस की सक्रियता ने इन आरोपियों की मंशा पर पानी फेर दिया और अब उन्हें जेल में ही आधी जिंदगी बिताना पड़ेगी।
लूटकांड के आरोपी जबलपुर निवासी निखलेश महदेले और नरसिंहपुर निवासी मोनू उर्फ टुईयां से पुलिस पूछताछ कर रही है। जिससे पूरे मामले की कडिय़ों को एक साथ जोड़ा जा सके और उनकी मंशा को समझा जा सके। निखलेश के कहने पर जबलपुर के ही जो दो नाबालिग इस घटना में शामिल थे उनसे भी पुलिस ने एक से 28 हजार व दूसरे 30 हजार रुपए बरामद किया है। इसके बाद उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।
चंद्रेश, अनुज, मोनू तीन बड़े किरदार
लूटकांड में आरोपी मैनेजर चंद्रेश रजक, मोनू उर्फ टुईंया व अनुज बाल्मिकी बड़े किरदार बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार चंद्रेश की चाह प्लाट लेकर बड़ा घर बनाने और ऑलीशान जिंदगी जीने की थी। वहीं अनुज किसी कर्ज से परेशान था, चंद्रेश ने अनुज से लूट करने की इच्छा जाहिर की तो अनुज ने अपने दोस्त मोनू उर्फ टुईंया को अपने साथ लिया। मोनू ने अपने साढ़ू भाई के लडक़े निखलेश को राजी किया। जिसे अपनी किसी महिला दोस्त पर खूब पैसा खर्च करने और लग्जरी लाइफ जीने की चाह थी। निखलेश ने जबलपुर के ही दो नाबालिकों जिनकी उम्र करीब 17-17 वर्ष है उन्हें अपने साथ लिया। बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने आरोपियों ने बाजार से करीब 40 रुपए में नकली पिस्टल खरीदी थी, चाकू भी सामान्य था जो आमतौर पर सब्जी काटने में उपयोग होता है, वहीं एक हथोड़ा लिया।
रैकी कर देखा था कहां नहीं है कैमरे की लोकेशन
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना को अंजाम देने जो योजना बनाई थी उसके अनुसार 25 जनवरी से ही तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने होटल की रैकी कर यह भी देखा था कि लूट के बाद वह किस रास्ते से भागेंगे, कहां से भागने में उन्हें सरलता रहेगी, सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन किस तरफ नहीं है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से बरामद रकम बढ़ रही है। लेकिन पूछताछ और जांच के बाद ही पता चलेगा कि वास्तव में आरोपियों के पास अब कोई रकम नहीं है या है जो बरामद होना है।
वर्जन
दो नाबालिक आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। जो दो आरोपी रिमांड पर हैं उन्हें शुक्रवार को न्यायालय में पेश करेंगे। आरोपियों से बरामद रकम करीब 76 लाख तक पहुंच गई है जो संभवत: शत-प्रतिशत मानी जा सकती है।
डॉ. ऋषिकेश मीना, एसपी नरसिंहपुर