अन्नदाता पर फिर पड़ी पाले की मार 

तहसील के अनेक गांवों में पाले से फसलें नष्ट 
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Updated: 15 Jan 2017, 7:58 AM IST
Frost on crops
Provider was again hit by frost
गाडरवारा। वर्तमान में जारी तेज ठंड एवं शीतलहर के चलते क्षेत्र के अनेक गांवों में किसानों की मेहनत की फसल पर प्रकृति की पाले की मार पड़ गई है। जिसमें प्रमुख रूप से दलहनी फसलों एवं सब्जियों पर पाले का अधिक प्रकोप बताया गया है। साथ ही गन्ने में भी पाले का असर किसान बता रहे हैं। तहसील के ग्रामीण अंचलों से मिली जानकारी के अनुसार सांईखेड़ा ब्लाक के सोकलपुर, भौरगढ़, उसराय, मढग़ुला, ग्वारी, उल्थन, अमोदा, टुइयापानी सहित नर्मदा पटटी के दर्जनों ग्रामों में नुकसान बताया गया है। वहीं पलोहा एवं आसपास के अनेक गांवों के किसान भी पाला लगने की शिकायत कर रहे हैं। इसके साथ ही चांवरपाठा ब्लाक के भौंरझिर समेत लगभग एक दर्जन गांवों से भी पाला लगने की खबर मिली है।

दूसरी ओर किसानों ने बताया कि अब तक कृषि विभाग या पटवारी आदि द्वारा सर्वे नहीं किया गया है। गौरतलब रहे कि इस वर्ष किसानों की फसलें बहुत अच्छी बताई जा रहीं थी। राहर समेत सभी फसलों में अच्छे उत्पादन की संभावना से किसानों के चेहरों पर प्रसन्नता दिख रही थी। लेकिन तभी अचानक मौसम ने करवट बदली और शीतलहर, तेज ठंड ने पाले का कहर बरपा दिया है।

उल्लेखनीय है कि बीते कई सालों से जनवरी, फरवरी माह में जब किसानों की फसल आने की कगार पर होती है। तभी प्रकृति का कहर किसानों के सपनों पर पानी फेर देता है। इसके साथ ही अनेक किसानों ने बताया कि कई जगह किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसमें पलोहा के कृषकों के बताए अनुसार पलोहा गांव को फसल बीमा से छोड़ दिया गया है। मौसम के तेवर लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी सर्द बने रहे। इससे शेष क्षेत्रों के किसानों द्वारा भी पाले को लेकर चिंता जताई गई।

वहीं मौसम की प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 26 एवं न्यूनतम आठ डिग्री बताया गया। आने वाले दिनों में हल्के बादल छाए रहने के साथ मौसम सर्द बने रहने की संभावना जताई गई है।

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