17 मिनट की रमैनी पढ़कर, दो जोड़े विवाह बंधन में बंधे

एक अंतरजातीय विवाह भी हुआ, कबीरपंथी दे रहे समाज को सीख 

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Jan 16, 2017
Rmaini 17 minute reading, two couples tied the knot
गाडरवारा। एकओर जहां आज के आधुनिक परिवेश में लोग शादी समारोह में लाखों रुपए अनेक तामझाम पर खर्च करते हैं। इसके चलते गरीबों को अपने बेटे बेटियों की शादी करना लगभग सपना बनता जा रहा है। लोग समाज में अच्छी शादी का दिखावा करने के चक्कर में कर्जदार तक हो जाते हैं। कई लोगों को तो अपने घर, जमीन, जायदाद गिरवी रखना या बेचना पड़ती है।
वहीं दूसरी ओर कबीरपंथी अनुयायी बेहद सादगी से विवाह के आयोजन संपन्न कराते हैं। जिसमें न कोई साज सज्जा होती है, न बैंड बाजे, न कोई दहेज, न खर्चीले रितिरिवाज। यहां तक कि दूल्हा दुल्हन भी सादे कपड़े पहने हुए होते हैं। कबीरपंथी प्रथा में महज 16 मिनट 34 सेकंड के रमैनी दोहों के उच्चारण के बीच विवाह संपन्न हो जाता है। इसी प्रकार कबीरपंथ के संत रामपाल महाराज के अनुयायियों द्वारा बीते दिवस करपगांव में आयोजित भक्त मिलन कार्यक्रम में आयोजित विवाह सम्मेलन में दो जोड़ों के विवाह किए। जिसमें एक अंतर्जातीय विवाह भी संपन्न हुआ।

सम्मेलन में आयोजित विवाह के अवसर पर वर, वधू सहित सभी के द्वारा रमैनी उच्चारण के उपरांत कबीरपंथ के वरिष्ठ भक्त ने वर वधुओं को सादगी से रक्षासूत्र बांधकर सुखी जीवन का आशीष दिया। इस अवसर पर शादी के बंधन में दो जोड़ों के विवाह कराए गए। जिनमें बसंत पिता बद्रीप्रसाद कौरव निवासी ग्राम गरधा का विवाह कृष्णा पिता मस्तराम लोधी निवासी गोटेगांव से अंतर्जातीय विवाह हुआ। इसी क्रम में दूसरे जोड़े ओमप्रकाश पिता हेमराज वंशकार निवासी गाडरवारा का विवाह ललिता पिता हरिशंकर वंशकार निवासी सनेरी राजमार्ग से संपन्न हुआ। इस प्रकार के विवाह आयोजनों से कबीरपंथी समाज को खर्चीली आडंबर रहित शादियों से दूर रहने के साथ जाति पांति के भेदभाव से भी दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।

Published on:
16 Jan 2017 08:32 am
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