दुकानदारों और नाविकों को दिया गया आपदा के दौरान बचाव और राहत कार्यो का प्रशिक्षण बरमान मेले में सुरक्षा को लेकर रेतघाट पर विशेष प्रशिक्षण का आयोजन
Barman Fair.
नर्मदा तट पर लगने वाले आगामी बरमान मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस बार प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं छोडऩा चाहता। इसी कड़ी में कलेक्टर के निर्देशानुसार बरमान रेतघाट क्षेत्र में संचालित भोजनालयों, दुकानों और नाव संचालन से जुड़े लोगों को सुरक्षा संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
रेतघाट क्षेत्र में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आग से बचाव को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया। भोजनालयों और दुकानों में गैस सिलेंडर, चूल्हे और अन्य ज्वलनशील सामग्री के उपयोग को देखते हुए आग लगने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्लाटून कमांडर होमगार्ड वीरेंद्र सूर्यवंशी, हवलदार अनुदेशक सुन्दर उईकार एवं उनकी टीम ने दुकानदारों को आग के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी और बताया कि किस स्थिति में किस तरह की अग्निशमन तकनीक अपनाई जानी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग की जानकारी देते हुए उसकी मैथड को व्यवहारिक रूप से समझाया गया। टीम ने बताया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सही तकनीक अपनाकर आग पर काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई के तरीकों का भी प्रदर्शन किया गया। जिससे दुकानदार आपात स्थिति में सही निर्णय ले सकें।
इसी क्रम में नर्मदा तट पर नाव संचालन से जुड़े नाविकों को भी सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान जीवन रक्षक जैकेट और लाइफ रिंग का उपयोग अनिवार्य रहेगा। नाविकों को बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि बरमान मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का बड़ा केंद्र है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेले के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।