जिला अस्पताल में जिले के अलावा पड़ोसी जिलों से भी मरीज आते हैं। बारिश के सीजन में यहां सर्पदंश से पीडि़त मरीजों की आवक लगभग हर दूसरे-तीसरे दिन होती है। जिससे मरीजों को समय पर इंजेक्शन लगाने और उनका उपचार करने के लिए बाजार से इंजेक्शन की खरीदी करना पड़ रही है।
नरसिंहपुर. जिले में बारिश के सीजन दौरान जहां सर्पदंश की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं जिला अस्पताल समेत अन्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन नहीं है। जिला अस्पताल में तो हालत यह है कि कई दिनों से स्टाक खत्म होने से मरीज आने पर बाजार से इंजेक्शन की खरीदी कर इलाज करना पड़ रहा है। शासन द्वारा मांग पर जिले के लिए ५०० इंजेक्शनों की जो खेप दी है उसमें टेस्ट रिपोर्ट नहीं मिलने से यह इंजेक्शन सीएमएचओ कार्यालय के स्टोर रूम में जस के तस रखे हुए हैं। उनका न तो अस्पतालों को वितरण हो रहा है। स्टोर में सिर्फ ३६ इंजेक्शन ही बचे हैं। जो जरूरत पडऩे पर संबंधित अस्पतालों को भेजे जा सकते हैं।
जिला अस्पताल में जिले के अलावा पड़ोसी जिलों से भी मरीज आते हैं। बारिश के सीजन में यहां सर्पदंश से पीडि़त मरीजों की आवक लगभग हर दूसरे-तीसरे दिन होती है। जिससे मरीजों को समय पर इंजेक्शन लगाने और उनका उपचार करने के लिए बाजार से इंजेक्शन की खरीदी करना पड़ रही है। सिविल सर्जन के अनुसार सर्पदंश का उपचार करने के लिए एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शनों की शासन से मांग की गई थी लेकिन अभी प्राप्त नहीं हुए है जिससे यह स्थिति बनी है। विभाग की ओर से करीब ४ माह पूर्व इंजेक्शन की मांग भी भेजी गई थी।
जिले में हर वर्ष सर्पदंश से जाती है पचास लोगों की जान-जिले में हर वर्ष सर्पदंश से पचासों लोगों की जान जाती है। इनमें कई ऐसे होते हैं जो समय पर इलाज के लिए अस्पतालों में नहीं पहुंचते और झाड़-फूंक में लगकर कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष २०२३ में सर्पदंश के कारण करीब ४६ लोगों की असमय मौत हुई थी। वर्ष २०२४ में २८ लोगों ने जान गंवाई, वहीं इस साल अब तक करीब २५ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
&हमारे पास अभी एंटी स्नैक वेनम नहीं है इसलिए मरीजों का इलाज करने बाजार से खरीदना पड़ रहा है। शासन से जैसे ही आएंगे तो फिर उपलब्धता बढ़ जाएगी।
डॉ. राजकुमार चौधरी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल नरसिंहपुर
&हमारे स्टाक में अभी ३६ इंजेक्शन हैं, शासन से ५०० इंजेक्शन भी मिले हैं उनकी टेस्ट रिपोर्ट आना है। जिले के अन्य अस्पतालों में उपलब्धता कितनी है देखना पड़ेगी।
डॉ. मनीष मिश्रा, सीएमएचओ नरसिंहपुर