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संवेदना की छांव में सजा खुशियों का मेला, दिव्यांग बच्चों को पुलिस ने झूला झुलाकर कराया भोजन, बांटी मिठाईयां

children felt like a part of the family. नरसिंहपुर. सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के दिव्यांग बच्चों को पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा की विशेष पहल पर स्वदेशी मेले का भ्रमण कराया गया। यह आयोजन केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि अपनेपन और संवेदना से भरा ऐसा अवसर बना, जहां बच्चों ने खुद को परिवार का हिस्सा महसूस किया। […]

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मेले में बच्चों ने अपनी पसंद के झूलों का आनंद लिया, स्वादिष्ट भोजन और मिठाइयों का स्वाद चखा। पुलिस अधिकारियों और स्टाफ ने पूरे समय बच्चों के साथ रहकर उनका उत्साह बढ़ाया।

पुलिस अधिकारियों और स्टाफ ने पूरे समय बच्चों के साथ रहकर उनका उत्साह बढ़ाया।

children felt like a part of the family. नरसिंहपुर. सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के दिव्यांग बच्चों को पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा की विशेष पहल पर स्वदेशी मेले का भ्रमण कराया गया। यह आयोजन केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि अपनेपन और संवेदना से भरा ऐसा अवसर बना, जहां बच्चों ने खुद को परिवार का हिस्सा महसूस किया। मेले में बच्चों ने अपनी पसंद के झूलों का आनंद लिया, स्वादिष्ट भोजन और मिठाइयों का स्वाद चखा। पुलिस अधिकारियों और स्टाफ ने पूरे समय बच्चों के साथ रहकर उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चों के चेहरे पर सजी मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि उन्हें विशेष होने का अहसास कराया गया।


भ्रमण से पूर्व बच्चों को कोतवाली थाना भी ले जाया गया, जहां उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और आमजन की सहायता से जुड़ी जानकारियां दी गईं। पुलिसकर्मियों ने आत्मीयता के साथ बच्चों से संवाद किया, जिससे उनके मन में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत हुआ। स्वदेशी मेले के मंच पर बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उत्साह से भर दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा अपने परिवार सहित बच्चों के साथ उपस्थित रहे। थाना प्रभारी गौरव चाटे और सूबेदार ज्योति ठाकुर व पुलिस स्टाफ की सक्रिय मौजूदगी ने पूरे आयोजन को पारिवारिक स्वरूप दे दिया। यह पहल बच्चों के लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव का अनुभव रही। पुलिस और समाज के बीच संवेदना की यह कड़ी यह संदेश देती है कि जब व्यवस्था में अपनापन जुड़ता है, तो हर चेहरा मुस्कान से खिल उठता है।