Road accidents in the district नरसिंहपुर. जिले में वाहनों की तेज रफ्तार और वाहन चालन में लापरवाही बढ़ते हादसे रोकने शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों पर भारी साबित हो रही है। हालत यह है कि नए साल के दो माह में ही 131 से अधिक सडक़ हादसों में करीब 42 लोगों की जान […]
Road accidents in the district नरसिंहपुर. जिले में वाहनों की तेज रफ्तार और वाहन चालन में लापरवाही बढ़ते हादसे रोकने शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों पर भारी साबित हो रही है। हालत यह है कि नए साल के दो माह में ही 131 से अधिक सडक़ हादसों में करीब 42 लोगों की जान जा चुकी है। मार्च के पहले पखवाड़े में भी कई हादसे दर्ज हो चुके हैं जिनमें लोगों की असमय मौत हुई है। कई घायल हुए हैं और इलाजरत हैं।
जिले में सडक़ हादसे हाइवे, स्टेट हाइवे ही नहीं बल्कि शहरी-ग्रामीण सडक़ों पर भी बढ़ रहे हैँ। जिसमें एक तो कई जगह सडक़ों की खराब हालत, अंधे मोड़, संकेत बोर्ड का अभाव, अवैध रूप से लगे होर्डिंग्स-फ्लैक्स, बेसहारा मवेशी आदि हैं। वहीं एक बड़ी वजह वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही पूर्वक वाहन चालक, नशे की हालत में वाहन चलाना है। यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण हादसे लगातार हो रहे हैं। बताया जाता है कि नए साल के दो माह में ें 1 जनवरी से 28 फरवरी तक जिले में 131 सडक़ दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 42 लोगों की मौत हुई और 116 लोग घायल हुए। वहीं मार्च का पहले पखवाड़े में भी 25 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए तो कुछ की असमय मौत हुई। इस तरह देखा जाए तो ढाई माह में हादसों की संख्या 150 के पार हो गई है और मरने वालों का आंकड़ा भी 50 तक पहुंच रहा है।
आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में जनवरी-फरवरी माह में 177 सडक़ हादसे दर्ज हुए थे, जिनमें 62 लोगों की मौत और 193 लोग घायल हुए थे। वहीं वर्ष 2025 में जनवरी से फरवरी के बीच 197 हादसे हुए, जिनमें 52 लोगों की मौत और 292 लोग घायल हुए। इन आंकड़ों और इस साल के दो माह में हुईं घटनाओं को देखे तो पिछले वर्ष की तुलना में घटनाओं में में 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि मृतकों की संख्या में 19 प्रतिशत की कमी आई है। घायलों की संख्या में भी कमी आई है। लेकिन वाहन चालकों की लापरवाही स्पष्ट तौर पर आंकड़ों के रूप में गवाही दे रही है। पुलिस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सडक़ हादसों के पीछे तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना, शराब पीकर वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
दो माह में बढ़ी चालानी कार्रवाई
जिले में सडक़ हादसों की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन के प्रति वाहन चालकों को समझाइश देने यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की कार्रवाई भी बढ़ी है। यातायात पुलिस के अनुसार 1 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक जिले में 2096 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 8 लाख 67 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया था। वहीं नए साल में 1 जनवरी से 28 फरवरी तक 3245 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 15 लाख 61 हजार 900 रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है। इस तरह चालान की कार्रवाई में 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती, 17 थानों को मिले ब्रेथ एनालाइजर
जिले में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई तेज करने के लिए पुलिस ने जिले के 17 थानों को ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराए हैं। इनके माध्यम से नियमित जांच के दौरान पुलिस यह जांच कर सकेगी कि वाहन चालक ने शराब का सेवन किया है या नहीं और यदि किया है तो उसकी मात्रा कितनी है। पुलिस के अनुसार जिले में होने वाली कई सडक़ दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार के साथ-साथ नशे की हालत में वाहन चलाना भी एक बड़ा कारण सामने आता है। ऐसे में ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से जांच कर नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
दो माह में सडक़ दुर्घटनाओं पर एक नजर
2024 - 177 दुर्घटनाएं, 62 मौतें, 193 घायल
2025 - 197 दुर्घटनाएं, 52 मौतें, 292 घायल
2026 - 131 दुर्घटनाएं, 42 मौतें, 116 घायल
वर्जन
सडक़ हादसों की रोकथाम करने व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने निरंतर कार्य हो रहा है। चालानी कार्रवाई का ध्येय ही यही है कि लोग नियमों का पालन करें, सीट बेल्ट, हेलमेट लगाएं, नशे में वाहन न चलाएं और रफ्तार पर नियंतत्रण रखें। स्कूल-कॉलेज में भी जागरूकता कार्यक्रम कर रहे हैं। हादसे होने की कई वजह होती हैं, जरूरी है कि यातायात नियमों का पालन हर हाल में किया जाए।