नरसिंहपुर

करेली में फर्नीचर मार्ट को सील कर वन विभाग ने बरामद की 10 घन मीटर सागौन

The Forest Department team raided नरसिंहपुर. वन विभाग के अमले ने करेली मेें एक फर्नीचर मार्ट पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद करते हुए उसे जांच में लिया है। मंगलवार की दोपहर से शुरू हुई जांच कार्रवाई करने में विभाग के तीन रेंज की टीम देर रात तक लगी रही। विभाग ने […]

2 min read
करेली में वन विभाग की टीम लकड़ी की नापजोख करते हुए।

The Forest Department team raided नरसिंहपुर. वन विभाग के अमले ने करेली मेें एक फर्नीचर मार्ट पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद करते हुए उसे जांच में लिया है। मंगलवार की दोपहर से शुरू हुई जांच कार्रवाई करने में विभाग के तीन रेंज की टीम देर रात तक लगी रही। विभाग ने अब तक करीब 10 घन मीटर सागौन बरामद करना बताया गया है। विभाग ने दुकान को सील कर दिया है। वन विभाग की उक्त कार्रवाई से हडक़ंप की स्थिति बनी रही। बताया जाता है कि विभाग को सूचना मिली थी कि नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिले की वनसीमा क्षेत्र से सागौन की अवैध लकड़ी आती है। जो अलग-अलग रास्तों से सप्लाई होती है। डीएफओ कल्पना तिवारी ने बताया कि दुकान को सील करने की कार्रवाई कर दी गई है। दुकान संचालक ने कुछ लकड़ी खरीदी थी यह बात तो सामने आई है, लेकिन उसके यहां जितनी लकड़ी बरामद हुई है वह वैध है या अवैध इसकी जांच टीम द्वारा की जा रही है।

दुकान में इस तरह लकड़ी-चरपट फैली हुई थी,


करीब 10 घन मीटर अवैध सागौन जब्त
वन मंडल अधिकारी नरसिंहपुर कल्पना तिवारी के मार्गदर्शन व उप वन मंडल अधिकारी नरसिंहपुर विकास शर्मा के नेतृत्व में गठित दल ने उप वन मंडल अधिकारी गाडरवारा, परिक्षेत्र अधिकारी नरसिंहपुर और परिक्षेत्र अधिकारी करेली की संयुक्त टीम के साथ करेली स्थित दीपक फर्नीचर मार्ट में छापा मारा। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में अवैध रूप से संग्रहित सागौन काष्ठ पाया गया, जिसके बाद वन अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर काष्ठ की जब्ती की गई। इसके साथ ही फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। वन विभाग के अनुसार प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। वन विभाग की इस कार्रवाई में तीनों परिक्षेत्रों के कर्मचारियों की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने दुकान परिसर में जहां-तहां फैली लकड़ी को एकत्रित कर बारीकी से जांच-पड़ताल की। प्रत्येक लकड़ी के टुकड़े का परीक्षण करते हुए उसके प्रकार, मात्रा और वैधानिकता की पड़ताल की गई।

दुकान में लगी मशीन।


मौके पर लकड़ी से संबंधित कार्य में प्रयुक्त संसाधनों की भी जांच की गई। बताया जाता है कि जांच के दौरान उपलब्ध औजारों, मशीनों और अन्य संसाधनों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे और भी कई तथ्यों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रकरण में वन अधिनियम के तहत दर्ज पीओआर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Published on:
04 Feb 2026 02:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर