जिले में जलजीवन मिशन की योजनाओं का मैदानी सच कागजी आंकड़ों से काफी अलग है। कहीं फाउंडेशन खराब हैं, नलों में टोटियां नहीं हैं तो कहीं कम डिलेवरी लाइन से पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। घरों में जो नल लगे हैं उनमें कई में से तो पानी ही नहीं आता, लाइन कहां बंद है कुछ पता नहीं, कहीं टंकी से सप्लाई है तो कहीं सीधे नलकूप से सप्लाई हो रही है।
The ground reality of the schemes नरसिंहपुर. जिले में जलजीवन मिशन की योजनाओं का मैदानी सच कागजी आंकड़ों से काफी अलग है। कहीं फाउंडेशन खराब हैं, नलों में टोटियां नहीं हैं तो कहीं कम डिलेवरी लाइन से पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। घरों में जो नल लगे हैं उनमें कई में से तो पानी ही नहीं आता, लाइन कहां बंद है कुछ पता नहीं, कहीं टंकी से सप्लाई है तो कहीं सीधे नलकूप से सप्लाई हो रही है।
गुरुवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे ग्राम तिंदनी की विनीता बाई कुप्पे लेकर रोड किनारे लगे नल प्वाइंट पर पानी भरने पहुंची। पूछने पर कहतीं हैं कि घर में दो नल लगे हैं, लेकिन उनमें से एक में पानी आता ही नहीं। मकान का काम चल रहा है, इसलिए पानी की जरूरत बढ़ गई है। समस्या बतातीं हैं पर फोटो लेने से मना कर देती हैं। विनीता बाई के पड़ोसी खूब सिंह बताते हैं कि गांव में टंकी नहीं बनी है। नलकूप से सीधे सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में बिजली ठीक रही तो पानी आता है, नहीं तो घंटों इंतजार करना पड़ता है। गर्मी बढऩे के साथ समस्या और गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित जल आपूर्ति के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
घर में नल लगा, लेकिन आज तक नहीं आया पानी
तिंदनी से करीब पांच किमी दूर जरजोला गांव में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां रहने वालीं क्रांति महोबिया बताती हैं कि घर में नल लगने के बाद से अब तक उसमें पानी नहीं आया। पंचायत में शिकायत करने पर बताया गया कि जिस लाइन से सप्लाई दी जा रही है, उसमें पर्याप्त प्रेशर नहीं पहुंच रहा। पार्वती महोबिया कहती हैं कि कभी-कभार पानी आता भी है तो बहुत कम। राधाबाई के अनुसार बिजली कटते ही पूरी व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
फाउंडेशन टूटे, टोटियां गायब, गर्मी में सूखने लगती सप्लाई
चीचली ब्लॉक के सुदूर गांव प्रेमपुर व खला में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए कई फाउंडेशन खराब हो चुके हैं। ग्रामीण सेवक, प्यारेलाल, राजू, संत कुमार, चंदू, अभिषेक का कहना है कि कई नलों में टोटियां तक नहीं लगी हैं। केवल 100 फीट डिलीवरी लाइन होने से गर्मी में जल स्तर गिरते ही पानी की उपलब्धता कम हो जाती है। सिरसाडाबर गांव में अब भी पुरानी लाइन से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
डेढ़ साल से अधूरी लाइन, तीन गांवों में परेशानी
ग्राम पंचायत मानकपुर बिजोरा में बिजोरा, मानकपुर और बांसखेड़ा गांव शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार बिजोरा गांव में अब तक पाइप लाइन नहीं बिछ पाई है, जबकि अन्य गांवों में लाइन बिछने के बाद भी पानी की सप्लाई सुचारू नहीं हो सकी। सरपंच द्वारका झरिया, सतीश पटेल, यशवंत पटेल और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि समस्या पिछले डेढ़ साल से बनी हुई है, लेकिन काम पूरा होने की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। ठेकेदार लाइन बिछाकर चला गया है, आगे काम कब होगा पता नहीं। लोगों को हैंडपंप से ही पानी लेना पड़ता है उनमें भी कम निकल रहा है।
बंद पड़ा ट्यूबवैल, दूर से पानी लाने को मजबूर लोग
ढिलवार पंचायत के तला टोला और पीपरपानी गांव में पेयजल संकट लगातार बना हुआ है। ग्रामीण गोविंद धानक, होतीलाल, प्रेमनारायण, शिवचरण, दीपेश ठाकुर और अन्य बताते हैं कि टोला में लगा ट्यूबवैल कई महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण लोगों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण अब इस उम्मीद में हैं कि किसी बड़े जनप्रतिनिधि के दौरे पर समस्या सामने रखी जाए, ताकि स्थायी समाधान निकल सके।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल स्वीकृत योजनाएं — 890
अब तक पूर्ण योजनाएं — 703
अधूरी योजनाएं — 187
पंचायतों को हैंडओवर योजनाएं — 568
हैंडओवर प्रक्रिया में योजनाएं — 135
रिवाइज हुई योजनाएं — करीब 245
मैकेनिकल योजनाएं — 150 से अधिक
शेष कार्य पूरा करने का विभागीय लक्ष्य — जून 2026 अंत तक