PMEGP scheme has been on hold बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे वाली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पीएमईजीपी योजना पिछले दो वर्षों से होल्ड पर चल रही है। योजना के बंद होने से जिले के सैकड़ों युवाओं के लिए स्वयं का रोजगार शुरू करना मुश्किल हो गया है। सब्सिडी आधारित इस योजना के तहत मिलने […]
PMEGP scheme has been on hold
बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे वाली प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पीएमईजीपी योजना पिछले दो वर्षों से होल्ड पर चल रही है। योजना के बंद होने से जिले के सैकड़ों युवाओं के लिए स्वयं का रोजगार शुरू करना मुश्किल हो गया है। सब्सिडी आधारित इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के अभाव में नए उद्योगों की स्थापना लगभग ठप हो गई है।
पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत युवाओं को बैंक ऋ ण के साथ 25 से 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी अनुदान के रूप में दी जाती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने पर 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान था। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में युवाओं ने इस योजना के माध्यम से छोटे.छोटे उद्योग शुरू किए थे। बता दें जिले में स्थापित करीब चार हजार गुड़ भटिटयों में सबसे अधिक इसी योजना का योगदान है। लेकिन योजना के लंबे समय से बंद रहने के कारण अब नए उद्यमी लाभ से वंचित हो रहे हैं।
योजना बंद होने के चलते बेरोजगार युवा नया व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे हैं। कई युवा उद्योग विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें यही जानकारी दी जा रही है कि पीएमईजीपी योजना फि लहाल होल्ड पर है और नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे युवाओं में निराशा बढ़ती जा रही है।
पीएमईजीपी योजना के बंद होने का सीधा असर नए उद्यमियों पर पड़ा है। जो युवा स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनना चाहते थे, उनके सपने अधूरे रह जा रहे हैं। वर्तमान में अधिकांश युवा मुख्यमंत्री युवा उद्यमक्रांति योजना पर निर्भर हैं, जिसके माध्यम से सीमित संख्या में ही रोजगार स्थापित हो पा रहे हैं।
पीएमईजीपी योजना राज्य स्तर की योजना है, जिसमें खादी और ग्रामोद्योग आयोग की स्वीकृति आवश्यक होती है।अभी तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जैसे ही उच्च स्तर से आदेश प्राप्त होंगे। योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पंकज पटेल महाप्रबंधक, उद्योग विभाग नरसिंहपुर