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सींगरी नदी को स्वच्छ बनाने रखने बनेगी अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजनान, ग्राम पंचायतों के प्लांट से जुड़ेंगे कनेक्शन

cleaning the Singri River नरसिंहपुर. कई दशकों से बेहाल ग्रामीण इलाके से होकर नगर से निकली सींगरी नदी को स्वच्छ बनाने जिला पंचायत अब नगर से लगी ग्राम पंचायतों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपेगी। जिससे नदी में पंचायत क्षेत्र का ठोस एवं तरल अपशिष्ट न मिल सके। इसके लिए पंचायतों को कार्ययोजना बनाने कहा जा […]

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कई दशकों से बेहाल ग्रामीण इलाके से होकर नगर से निकली सींगरी नदी को स्वच्छ बनाने जिला पंचायत अब नगर से लगी ग्राम पंचायतों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपेगी। जिससे नदी में पंचायत क्षेत्र का ठोस एवं तरल अपशिष्ट न मिल सके। इसके लिए पंचायतों को कार्ययोजना बनाने कहा जा रहा है।

अपशिष्ट प्रबंधन की योजना पर मंथन करते हुए अधिकारी।

cleaning the Singri River नरसिंहपुर. कई दशकों से बेहाल ग्रामीण इलाके से होकर नगर से निकली सींगरी नदी को स्वच्छ बनाने जिला पंचायत अब नगर से लगी ग्राम पंचायतों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपेगी। जिससे नदी में पंचायत क्षेत्र का ठोस एवं तरल अपशिष्ट न मिल सके। इसके लिए पंचायतों को कार्ययोजना बनाने कहा जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र नागेश द्वारा ग्राम पंचायत नकटुआ के निरीक्षण में पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे समग्र कार्ययोजना बनाकर अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रभावी रूप से कार्य करें, ताकि नदी स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रह सके। नगर पालिका नरसिंहपुर एवं मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा निर्मित 2.75 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। बताया गया कि स्टेशनगंज, विपतपुरा और रौंसरा क्षेत्रों के घरों को इस प्लांट से जोड़ा जाना है। कनेक्शन कार्य शीघ्र पूर्ण करने कहा जा रहा है। जिससे घनी बस्तियों का गंदा पानी उपचारित होने के बाद ही नदी में छोड़ा जा सके।


जिला पंचायत सीईओ नागेश ने बताया कि सींगरी नदी से जुड़े गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। पंचायतों को निर्देशित किया गया कि गांव के सभी व्यावसायिक, औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों से अजैविक कचरे का डोर-टू-डोर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए और उसका शत-प्रतिशत उपचार किया जाए। वहीं गीले कचरे को कंपोस्टिंग एवं अन्य उपयोगी माध्यमों से निस्तारित करने पर जोर दिया गया। पंचायत व शहरी क्षेत्र के सेवाभावी लोगों को जोडकऱ इसके लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट को पुन: उपयोगी बनाने के लिए अलग औद्योगिक इकाई स्थापित करने की संभावना पर भी कार्य करने निर्देश दिए।


प्रेरक दल बनाकर किया जाएगा जागरूक
पंचायतों को प्रेरक दल गठित कर प्रत्येक परिवार को गीले और सूखे कचरे के पृथक्कीरण के प्रति जागरूक करने को कहा गया है। सभी दुकानों में प्रतिबंधित अमानक पन्नी एवं डिस्पोजल सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक लगाने के लिए वातावरण निर्माण करने के निर्देश दिए गए।
एक सप्ताह का निर्धारित किया समय
प्रशासन ने संबंधित पंचायतों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत स्वच्छता कार्ययोजना प्रस्तुत करने, कचरा संग्रहण वाहन क्रय करने तथा गांवों में निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से कार्य होने पर नदी में गंदे पानी और कचरे का प्रवाह रुकेगा तथा नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने लिया प्लांटों का जायजा
सींगरी नदी के कायाकल्प अभियान में सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र सिंह, नगरीय प्रशासन से कार्तिकेय, पुष्पेंद्र, सीएमओ नीलम चौहान द्वारा प्लांटों का निरीक्षण किया। विभिन्न मानकों पर उसका परीक्षण किया। इसकें बाद अधिकारियों द्वारा शहर के नागरिकों से भी फीडबैक लिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि प्लांट शहर के लिए एक बड़ी सौगात हैं इनका क्षमताओं के हिसाब से होगा तो न केवल शहर बल्कि नदी भी स्वच्छ बनेगी।
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की खास बातें
ग्राम नकटुआ — 2.75 एमएलडी क्षमता का एसटीपी
झिरना — 6.25 एमएलडी क्षमता का एसटीपी
कुल उपचार क्षमता- 9 एमएलडी
निर्माण वर्ष- 2024
शहर के लगभग 16 हजार घरों से निकलता 6.5 एमएलडी तरल अपशिष्ट
एनआरबी तकनीक पर आधारित प्लांट
सभी कनेक्शन पूर्ण होने पर नदी प्रदूषण नियंत्रण संभव
केएफडब्ल्यू संस्था के वित्तीय सहयोग से परियोजना