वाओं का मानना है कि यदि बजट में उनकी प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा गया, तो इसका सीधा असर देश की प्रगति और सामाजिक संतुलन पर पड़ेगा।
The youth of India, नरसिंहपुर. देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा वर्ग को आगामी केंद्रीय बजट से रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक स्थिरता को लेकर कई ठोस उम्मीदें हैं। युवाओं का मानना है कि यदि बजट में उनकी प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा गया, तो इसका सीधा असर देश की प्रगति और सामाजिक संतुलन पर पड़ेगा। शनिवार को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज नरसिंहपुर में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की और अपनी बात रखी।
डिजिटल और ग्रीन इकोनॉमी से जुड़ी अपेक्षाएं
खुशी रजक, कल्पना चौधरी, शिल्पा साहू, सोनम ठाकुर, मालती चौधरी, कुसुम ठाकुर, मुस्कान गौड़, आरती, अनीता, सौरभ, संदीप, रोहिणी, बृजेश चौधरी, मुस्कान पांडे, पूनम भारद्धाज, नेहा यादव, सुरभि पटेल, शिखा कुशवाहा, दिव्या साहू, यशिका सोनी, मनीषा राजपूत, शालिनी चढ़ार, गरिमा पांडे, अभिषेक ठाकुर, आशना यादव, शिखा साहू, दीक्षा सेन आदि का कहना है कि युवा वर्ग पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर भी बजट से स्पष्ट दिशा की उम्मीद कर रहा है। स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित परियोजनाओं में निवेश बढऩा चाहिए। यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने वाला साबित हो। इस दौरान कॉलेज से रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अमित ताम्रकार समेत अन्य ने भी सहभागिता की।
रोजगार सृजन सबसे बड़ा सवाल
युवाओं का प्रमुख सवाल रोजगार को लेकर है। निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ठोस नीति की अपेक्षा की जा रही है। युवाओं का कहना है कि केवल घोषणाओं से आगे बढकऱ उद्योगों को प्रोत्साहन, नए प्रोजेक्ट और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की व्यवस्था होनी चाहिए।
दिनेश अग्रवाल
उच्च शिक्षा को बनाया जाए और सुलभ
बढ़ती फीस और कोचिंग खर्च युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बजट से यह अपेक्षा की जा रही है कि उच्च शिक्षा को सुलभ बनाया जाए, सरकारी शिक्षण संस्थानों की संख्या और गुणवत्ता बढ़े तथा छात्रवृत्ति योजनाओं का दायरा विस्तृत हो।
मोतीलाल कतिया
कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर फोकस
युवा वर्ग चाहता है कि बजट में कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरत से जोड़ा जाए। तकनीकी, डिजिटल और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार योग्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
हर्षित चौरसिया
स्टार्टअप और उद्यमिता को मिले नई ताकत
नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े युवा कर छूट, आसान ऋण और कम नियम-कानून की अपेक्षा कर रहे हैं। यदि छोटे उद्यमों को शुरुआती समर्थन मिला, तो वे न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा कर सकते हैं।
विवेक मेहरा
महंगाई और कर बोझ पर राहत की उम्मीद
महंगाई भी एक बड़ा मुद्दा है। बजट में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के उपाय हों और आयकर में राहत देकर मध्यम वर्गीय युवाओं की बचत को बढ़ावा मिले। जिससे हर परिवार अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए अन्य मदद पर निर्भरन रहे, शिक्षा या कॅरियर की राह में कोई परेशानी न हो।