
केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को कई बड़े फैसले लिए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2023 को मंजूरी दे दी है। मोदी कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि देश में 157 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। डॉ मनसुख मंडाविया ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत को अगले दो वर्षों में 157 सरकारी नर्सिंग कॉलेज मिलेंगे। भारत में वर्तमान में कुल 5,324 नर्सिंग संस्थान हैं और अगले 24 महीनों में इस सूची में 157 नए नर्सिंग कॉलेज जुड़ जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 में ये घोषणा की थी। अब कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल गया है। इन नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के माध्यम से छात्रों के लिए लगभग 16,000 स्नातक सीटें भी जोड़ी जाएंगी, जिसके परिणामस्वरूप भारत में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।
1,570 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार देश में 157 नए सरकारी मेडिकल नर्सिंग कॉलेज खोलने की दिशा में काम कर रही है। इन संस्थानों की स्थापना के लिए कुल 1,570 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज और स्कूल के लिए, भारत सरकार एक नया नर्सिंग कॉलेज खोलने की योजना बना रही है।
एक नए नर्सिग संस्थान के लिए 10 करोड़ रुपए आवंटन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए, एक नए नर्सिंग संस्थान की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा।
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बजट में वित्त मंत्री ने किया था ऐलान
बजट 2023 की प्रस्तुति के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत में 157 नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाने की बात कही थी। बजट 2023 के दौरान, यह साझा किया गया था कि 2014 से सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं।
अगले 24 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा
कैबिनेट में अब इसी फैसले को मंजूरी मिल गई है। भारत को अगले दो वर्षों में नए नर्सिंग संस्थान मिलेंगे। इन नर्सिंग संस्थानों में तीनों प्रकार की नर्सिंग- मिडवाइफरी, जनरल मिडवाइफरी और बीएससी नर्सिंग का प्रशिक्षण और शिक्षा होगी।