आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसद हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए थे। AAP ने इस तरह की दलबदल जैसी गतिविधियां रोकने के लिए पंजाब में पार्टी विधायकों की बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 19 विधायक नदारत रहे।
AAP Meeting: सात राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) को पंजाब में तोड़फोड़ की चिंता सता रही है। इस तोड़फोड़ की आशंका को रोकने के लिए AAP अपना पूरा ध्यान पंजाब की सियासी गतिविधियों पर कर रही है। दलबदल जैसी गतिविधियां दोबारा न हों, इसको लेकर AAP ने गुरुवार को विधायकों की अहम बैठक बुलाई थी। AAP की इस बैठक में कुल 19 विधायक गैरहाजिर रहे।
दलबदली जैसी गतिविधियां रोकने के लिए AAP ने पार्टी विधायकों की बड़ी बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 19 विधायकों की गैरहाजिरी से AAP की चिंता बढ़ गई है। बैठक में 19 विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के अंदर संदेह की स्थिति पैदा हो गई है। AAP सूत्रों के अनुसार, पार्टी अब प्रत्येक विधायक से व्यक्तिगत संपर्क कर रही है और उनकी निष्ठा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।
बैठक में गैरहाजिर रहे विधायकों ने अलग-अलग कारण बताए हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दलबदल कर भाजपा में शामिल हुए 7 में से 6 सांसद पंजाब से हैं। इनमें राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे प्रभावशाली चेहरों का शामिल होना AAP को चिंतित कर रहा है। पार्टी को आशंका है कि ये नेता विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में और तोड़फोड़ कर सकते हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का समय मिल गया है। भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के समय CM भगवंत मान दलबदल करने वाले 7 राज्यसभा सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग रखेंगे। मुख्यमंत्री इस मुलाकात के लिए पंजाब के सभी विधायकों को साथ ले जाने की योजना बना रहे हैं।
CM भगवंत मान के अगले कदम को AAP दलबदल विरोधी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अपनी सांसदों की सुरक्षा के रूप में देख रही है। गुरुवार को हुई बैठक में आगामी चुनावी रणनीति, सांसदों के दलबदल और राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
पार्टी अब पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर मजबूती लाने और किसी भी तरह की और बगावत को रोकने के लिए सक्रिय हो गई है। AAP नेतृत्व इस घटनाक्रम को काफी गंभीरता से ले रहा है और पंजाब में अपनी सरकार बचाने तथा आगामी चुनावों में मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।