राष्ट्रीय

आधी रात को  MAGGI Noodles खाने निकाला था 12वीं का छात्र, गौतस्कर समझकर 5 लोगों ने गोली मार कर दी हत्या

Aryan Mishra Murder Case: तथाकथित गौतस्करों ने गोलीबारी करते हुए 20 किलोमीटर की कार का पीछा किया और इसके बाद टोल पर जाकर आर्यन मिश्रा के सीने में गोली दाग दी।

2 min read

Aryan Mishra Murder Case: हरियाणा के फरीदाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 12वीं के छात्र को पांच लोगों ने गौतस्कर समझकर तथाकथित गौरक्षकों ने गोली मार दी है। गौरक्षक से भक्षक बने आरापियों के बारे में फरीदाबाद पुलिस ने बताया है कि इस घटना में 12वीं के छात्र आर्यन मिश्रा की मौत हो गई है। इसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिया गया है।

फरीदाबाद पुलिस ने बताया है कि आर्यन मिश्रा अपने दोस्त हर्षित और शैंकी के साथ आधी रात को मैगी खाने के लिए डस्टर कार से जा रहा था। इसी दरम्यान तथाकथित गौरक्षक और आरोपी आदेश, कृष्णा, वरुण और अनिल कौशिक ने दावा किया है कि उन्होंने इनको गौतस्कर समझकर 20 किलोमीटर तक कार का पीछा किया। इस दौरान लगातार गोलीबारी भी करते रहे। इसी गोलीबारी में हाईवे के गदपुरी टोल पर एक गोली आर्यन मिश्रा को लगी।

इसके बाद गाड़ी चला रहे हर्षित ने गाड़ी टोल पर ही रोक दी। इसके बाद हमलावर पीछे से आए और आर्यन के सीने में एक और गोली मार दी। इससे ही आर्यन मिश्रा की मौत हो गई। फरीदाबाद पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त हथियार आरोपी अनिल के घर से हथियार बरामद कर लिए गए हैं।

ऐसी हुई आर्यन की हत्या…

आरोपियों ने अपने पुलिस के सामने दावा किया है कि 23 अगस्त की देर रात उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ गौ तस्कर डस्टर और फॉर्च्यूनर कार में हैं। वह टैंकरों में गायों को भरकर ले जा रहे हैं। इसी शक में डस्टर का पीछा किया और कार को रोकने के लिए फायरिंग करते रहे। हाईवे के गदपुरी टोल पर कार के पीछे से फायरिंग की। यह पिछला शीशा तोड़ते हुए ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे आर्यन मिश्रा के गर्दन में जाकर लगी। लगातार गोलीबारी के कारण आर्यन के मित्रों ने गाड़ी नहीं रोकी। इस कार हर्षित चला रहा था और आर्यन साइड की सीट में बैठा था।

गौसेवा के नाम पर वसूली का खेल

हिसार पुलिस ने 2012 में एक खुलासा किया था कि किस तरह से गौतस्करी के नाम पर कुछ गौसेवक गायों को छुड़ाकर बेंच रहे हैं और पैसा कमा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में एक दिग्गज गौसेवक को गिरफ्तार भी किया था। फिर यही पैटर्न अब कई जगहों पर दिखाई दे रहा है। गौतस्करी रोकने के नाम पर इन्हें समाज से शाबासी और इन्हें बेंचकर पैसा दोनों मिल जा रहा है।राजनीतिक समर्थन भी मिलता है तो ऐसे में पुलिस भी दूर ही रहती है।

Updated on:
03 Sept 2024 05:33 pm
Published on:
03 Sept 2024 11:56 am
Also Read
View All

अगली खबर