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केजरीवाल-मनीष सिसोदिया के बाद अब AAP के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने उठाया कदम, कोर्ट में नहीं होंगे पेश

AAP Leaders Satyagraha: AAP के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि वे पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं और उसी रुख को अपनाते हुए कोर्ट प्रक्रिया से दूरी बना रहे हैं।

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Apr 29, 2026
राजघाट पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आतिशी (Photo-IANS)

AAP Excise Policy Case: दिल्ली की राजनीति में एक्साइड पॉलिसी केस को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व सीएम और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बाद पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में न तो कोर्ट में पेश होंगे और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश होगा।

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क्या बोले पूर्व विधायक पाठक

AAP के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि वे पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं और उसी रुख को अपनाते हुए कोर्ट प्रक्रिया से दूरी बना रहे हैं। इससे पहले अरविंद केजरीवाल भी ऐलान कर चुके हैं कि वे एक्साइज पॉलिसी मामले की सुनवाई में न व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे और न ही किसी वकील के जरिए अपनी पैरवी कराएंगे। उन्होंने इस फैसले के पीछे पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया है।

सिसोदिया ने पेश होने से किया था मना

बता दें कि इससे पहले इस मामले में AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी कोर्ट में वकील के जरिए पेश होने से इनकार कर दिया है और न्याय मिलने को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि मेरी ओर से भी कोई वकील पेश नहीं होगा। ऐसे हालात में मुझे न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

मंगलवार को अरविंद केजरीवाल ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और इसे अपने सत्याग्रह का हिस्सा बताया। इस दौरान उनके साथ मनीष सिसोदिया, दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत कई नेता मौजूद रहे।

केजरीवाल ने क्या कहा

इस दौरान मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि वे न्यायपालिका और कानून का सम्मान करते हैं, क्योंकि उन्हें पहले भी अदालतों से राहत मिल चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते उन्हें सत्याग्रह का रास्ता अपनाना पड़ा है, जिसकी जानकारी उन्होंने जज को लिखे पत्र में दी है।

वहीं, आम आदमी पार्टी ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके कथित आरएसएस से संबंध और परिवार के सदस्यों के केंद्र सरकार में काम करने के कारण इस मामले में हितों का टकराव हो सकता है।

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