
AAP Tiranga March: दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग दोहराई है। इस बीच, मार्च में शामिल होने जा रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR वापस लिए जाने तक विरोध जारी रहेगा। पार्टी के नेताओं ने तिरंगा मार्च में शामिल होकर अपनी मांगें दोहराईं। दिल्ली में AAP के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुलिस की ज्यादती है और सरकार की नाकामी को दिखाता है। भारद्वाज ने कहा कि अगर कोई नागरिक राष्ट्रीय राजधानी में अपने देश का झंडा लेकर चलना चाहता है, तो सरकार उसे ऐसा करने से नहीं रोक सकती। उन्होंने प्रतिबंधों को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित तिरंगा मार्च में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर मार्च नहीं निकालने की हिदायत दी थी। पुलिस ने कहा था कि कनॉट प्लेस इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं और प्रस्तावित सभा के लिए अनुमति नहीं ली गई है।
पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस में अभिजीत दिपके को यह भी याद दिलाया था कि उन्हें आशुतोष रांका और सौरव दास के साथ पहले शांति बनाए रखने की शर्त पर पाबंद किया गया था। तीनों को एयरपोर्ट से एहतियातन हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया गया था। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।