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‘यह इमरजेंसी है’, CJP ने लगाया अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं को अगवा करने के आरोप

ABHIJEET DIPKE: सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर उसके नेताओं को अगवा करने के आरोप लगाएं है। उन्होंने कहा है कि अभी तक इनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
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Oct 10, 2026
CJP Jantar Mantar Protest
पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के दौरान सीजेपी के नेता (फोटो- IANS)

CJP Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जानकारी दी है कि अभी तक उसके नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास का कोई पता नहीं चल पा रहा है। सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर उसके नेताओं को अगवा करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनकों अगवा में लिए 10 घंटे से ज्यादा हो गए हैं। सीजेपी ने इसे इमरजेंसी कहा है।

तीन कार्यकर्ता हिरासत में

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को पुलिस ने प्लेन से हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उनसे संपर्क न होने के कारण उनके परिजनों में चिंता का माहौल है। सीजेपी ने इसे इमरजेंसी जैसी स्थिति बताया है। दिल्ली पुलिस से यह स्पष्ट करने की मांग की जा रही है कि उन्हें कहां रखा गया है, ताकि उनके परिवार और कानूनी सलाहकार उनसे बिना किसी देरी के संपर्क कर सकें।

दीपके के परिवार पर दुखों का पहाड़

बेटे की हिरासत और उनके परिवार में हुई दुखद घटना पर अभिजीत की मां ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए और क्या सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को नजरअंदाज कर रही है।

कई लोगों को किया रिहा

दिल्ली पुलिस ने सुबह से हिरासत में लेने के बाद कई नेताओं को रिहा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक महिला प्रदर्शनकारियों और बुजुर्ग लोगों को रिहा किया जा रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को भी रिहा कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने दिल्ली में घटित घटना पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि वे अभिजीत दीपके के आमंत्रण पर जंतर-मंतर स्थित कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी। जब वे अपने आवास से निकलने लगीं, तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें जाने से रोक दिया।

ममता ने बताया घटनाक्रम

ममता बनर्जी ने कहा कि जब उन्होंने बस स्टैंड पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की कोशिश की, तो पुलिस ने तीन लोगों के एक साथ खड़े होने पर भी रोक लगा दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को जबरन हिरासत में ले लिया। उसके बाद लगभग दो घंटे तक अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के चक्कर कटवाए। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना एक तरह से अपहरण से करते हुए लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि ऐसे कदम किसी भी आंदोलन के महत्व को और अधिक बढ़ा देते हैं।

Updated on:
10 Oct 2026 09:24 pm
Published on:
10 Oct 2026 09:09 pm