
पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) और जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) की मौजूदगी में 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा से वांगचुक को आश्वासन मिला। वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।
दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "हमें बेहद राहत और कृतज्ञता है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। सर, आपके असाधारण साहस और बलिदान के लिए धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की अंतरात्मा को जगाया। आपका जीवन इस देश के लिए अमूल्य है। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे तक कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।"
पेपर लीक के मामले में दीपके समेत सभी प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) समेत विपक्षी नेता भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सीजेपी ने 24 जुलाई को पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है। लोगों से हर शहर और हर गांव में शांतिपूर्ण तरीके से बिना किसी हिंसा के विरोध प्रदर्शन की अपील की गई है।
पेपर लीक के खिलाफ छात्र अंदोलन के बाद पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।