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ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पतंजलि का बड़ा एक्शन, ठोका 50 करोड़ रुपए का मानहानि केस

Brij Bhushan Patanjali defamation case: पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पतंजलि फूड्स का 50 करोड़ का मानहानि केस, हाईकोर्ट में 18 सितंबर को सुनवाई। जानें पूरा मामला।
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baba ramdev, brij bhushan sharan singh, UP News

बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह (PC: ANI)

Patanjali Defamation Case: भारतीय कुश्ती संघ से विवादों के बीच इस्तीफा देने वाले उत्तरप्रदेश से भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह अब एक नई कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। बाबा रामदेव से जुड़ी कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मामला घी को लेकर दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिससे कंपनी की ब्रांड इमेज को बड़ा नुकसान पहुंचाने का आरोप है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड का दफ्तर इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित होने के कारण कंपनी ने यह मुकदमा इंदौर में ही दायर किया। यह केस पहले जिला कोर्ट में दायर किया गया था, जहां से अब यह हाईकोर्ट पहुंच चुका है।

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, 18 सितंबर को अगली तारीख

मंगलवार को हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप एन. भट्ट की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। ब्रजभूषण शरण सिंह की ओर से पेश हुए वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा। कोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 18 सितंबर तय की है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ब्रजभूषण सिंह की ओर से क्या जवाब पेश किया जाता है।

घी को नकली बताने वाले बयान से मचा बवाल

मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता विक्रम मालवीय के अनुसार, करीब एक साल पहले ब्रजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक तौर पर पतंजलि के घी को नकली बताया था। यही बयान अब पूरे विवाद की जड़ बन गया है। कंपनी का कहना है कि इस तरह के बयान से न सिर्फ उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि इसका सीधा असर ब्रांड की साख पर भी पड़ा।

शेयर गिरे, कंपनी ने जताया करोड़ों के नुकसान का दावा

पतंजलि फूड्स लिमिटेड का आरोप है कि इस बयान के बाद कंपनी के शेयर के भावों में भी उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला, जिससे निवेशकों और कंपनी दोनों को नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी ने दावा किया है कि इस पूरे प्रकरण से उसे कई सौ करोड़ रुपए तक का व्यावसायिक नुकसान हुआ है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत फिलहाल 50 करोड़ रुपए की मानहानि का केस दर्ज कराया गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हाईकोर्ट इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे क्या रुख अपनाता है।