
बाइक सवार सिया। फोटो- आईएएनएस
Gurugram Hit and Run: गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर एक कार और महिला बाइकर सिया के बीच हुई टक्कर के मामले में पीड़िता ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया है। बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से बात करते हुए सिया ने कहा कि सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार करना या आरोप जोड़ना काफी नहीं है, अगर उन्हें कुछ ही दिनों में जमानत मिल जाती है, तो यह असली न्याय नहीं होगा। उन्होंने घटना के समय कार में मौजूद दो अन्य लोगों की भी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
मजिस्ट्रेट को दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए, सिया ने कहा कि उन्होंने कोर्ट को वह सब कुछ विस्तार से बताया है जो वीडियो में दर्ज है और जो उन्होंने उस रविवार की सुबह खुद झेला। पीड़िता ने आरोप लगाया, "रास्ते में मुझे लगातार परेशान किया गया और मेरा पीछा किया गया और फिर गाड़ी से जान-बूझकर टक्कर मारी गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मैं मौके पर ही मर सकती थी।"
अपने स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए सिया ने बताया कि उनकी मेडिको लीगल केस (MLC) जांच पूरी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अभी स्थिर है, हालांकि उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं। इन चोटों की गंभीरता का सही पता लगाने के लिए बुधवार को MRI और X-ray टेस्ट किए जाएंगे।
राजस्थान से मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी और उसके रिश्तेदार लवनीश को पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए सिया ने कहा कि सिर्फ आरोप लगाना या किसी को जेल भेजना ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस आज उन्हें गिरफ्तार करती है लेकिन कोई उन्हें तीन दिन के अंदर जमानत पर बाहर निकलवा लेता है, तो इसे सही कार्रवाई नहीं माना जा सकता। जब तक ऐसे मामलों में कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
सिया ने बताया कि घटना के समय कार में सिर्फ दो नहीं, बल्कि चार लोग थे। उन्होंने गाड़ी में मौजूद बाकी दो लोगों की भूमिका की जांच की मांग की और कहा कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
सिया ने आरोपी कल्याण बैंसला, उसके वकील और समर्थकों के उन आरोपों का जवाब दिया जिनमें कहा गया कि वह अपने फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए विक्टिम कार्ड खेल रही हैं। सिया ने कहा, "इन बेतुकी बातों से मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता। मीडिया के मेरे घर आने से पहले कोई नहीं जानता था कि सिया कौन है या वह कैसी दिखती है। मेरी अपनी पहचान जाहिर करने की कोई इच्छा नहीं थी, लेकिन अब जब मामला सामने आ ही गया है, तो मैं अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ी रहूंगी।"
इस मामले में, आरोपी कल्याण बैंसला ने शुरू में दावा किया था कि उसने महिला बाइक सवार को जान बूझकर टक्कर नहीं मारी थी। उसका कहना था कि बाइक सवारों के साथ बहस के बाद, उसे डर था कि अगर वह रुका तो उस पर हमला हो सकता है, इसलिए वह गाड़ी लेकर चला गया। आरोपी के वकील ने भी इस घटना को जान बूझकर किए गए हमले के बजाय लापरवाही का मामला बताया था।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो और CCTV फुटेज की बारीकी से जांच के बाद मामले में BNS की धारा 109 जोड़ी गई। यह धारा हत्या की कोशिश के अपराध से संबंधित है और इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
Updated on:
15 Sept 2026 10:03 pm
Published on:
15 Sept 2026 10:00 pm
