
वारिस पठान-उमर खालिद। फाइल फोटो- पत्रिका
Waris Pathan: एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने जेल में बंद उमर खालिद को लंबे समय से बिना ट्रायल जेल में रखने को अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को कई साल तक जेल में रखकर मुकदमा शुरू नहीं करना उसके साथ न्याय नहीं है। पठान ने कहा कि खालिद और शरजील इमाम को करीब छह साल से जेल में रखा गया है और उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। वारिस पठान ने कहा कि कानून का सिद्धांत है कि जमानत नियम है और जेल अपवाद।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना ट्रायल के कई साल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। यह ट्रायल से पहले ही सजा देने जैसा है। उन्होंने कहा कि खालिद और शरजील इमाम सरकार की नीतियों से असहमत थे और उन्होंने अपनी बात रखी थी। वारिस पठान ने कहा कि उनके बयानों और वीडियो को देखा जा सकता है और अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उसका फैसला अदालत करे। उन्होंने कहा कि बार-बार सुनवाई के बावजूद दोनों को जमानत नहीं मिल रही है। पठान ने दावा किया कि खालिद को अदालत में खुद को सही साबित करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छह साल से अधिक समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना अपने आप में सजा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं न कहीं खालिद के मुस्लिम होने की वजह से उन्हें जमानत नहीं मिल रही है। वारिस पठान ने दिशा सालियान की मौत के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह एक पिता का मामला है, जो अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए छह साल से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है और एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। अब जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
पाकिस्तान की ओर से जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की जानकारी देने पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए किए जाने पर भी पठान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद की जड़ बताते हुए कहा कि भारत लंबे समय से उसकी आतंकवादी गतिविधियों का शिकार रहा है। उन्होंने पुलवामा, 26/11 और पहलगाम आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने भारत में लोगों की हत्या की। पठान ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को भारत लाकर कानून के तहत कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
Updated on:
15 Sept 2026 09:52 pm
Published on:
15 Sept 2026 09:49 pm
