15 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Disha Salian Case: 8 जून 2020 को क्या हुआ था? क्यों CBI अब कर रही जांच, जानें पूरा मामला

Disha Salian Death Case: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस में आए दिन अब नए मोड़ आते जा रहे हैं। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
2 min read
Google source verification
Disha Salian Death Case

सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की फोटो (फोटो सोर्स-ANI)

Disha Salian Death Case: बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ काम कर चुकीं दिशा सालियान की मौत का मामला करीब छह साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI कर रही है। अदालत ने पिछली जांच में कई ऐसे पहलुओं पर सवाल उठाए, जिनके चलते मामले की दोबारा पड़ताल की जरूरत महसूस हुई। CBI ने अब FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कि जून 2020 में क्या हुआ था और इतने साल बाद यह मामला फिर जांच के दायरे में क्यों आया।

जून 2020 में क्या हुआ था?

दिशा सालियान एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। वह कई कलाकारों से पेशेवर तौर पर जुड़ी थीं और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम कर चुकी थीं। जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी।

उस समय हुई पुलिस जांच में हत्या या किसी तरह की आपराधिक साजिश से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई थी। मामले की जांच आगे बढ़ी और इसे लेकर लंबे समय तक कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।

पिता के आरोपों के बाद बदला मामला

बाद में दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले की नए सिरे से जांच की मांग की। उन्होंने अपनी बेटी के साथ यौन अपराध और हत्या किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन दावों के बाद दिशा की मौत को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया।

हालांकि, इन आरोपों का अंतिम रूप से सच साबित होना अभी बाकी है। यही वजह है कि मौजूदा जांच में CBI सभी उपलब्ध तथ्यों और सबूतों की दोबारा पड़ताल करेगी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच का आदेश क्यों दिया?

मामले में सबसे बड़ा मोड़ 2 सितंबर को आया, जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच का रास्ता साफ किया। अदालत ने पिछली पुलिस जांच में कई विसंगतियों की ओर इशारा किया। कोर्ट के मुताबिक करीब छह साल तक चलने वाली प्रक्रिया ने कई सवाल खड़े किए थे और इसकी जांच सामान्य तौर पर इतनी लंबी अवधि तक जारी नहीं रहनी चाहिए थी।

अदालत ने घटनास्थल से जुड़े पंचनामा में हुई देरी को भी महत्वपूर्ण माना। घटना के कई घंटे बाद पंचनामा किए जाने की वजह स्पष्ट नहीं होने पर कोर्ट ने इस पर सवाल उठाया। इसके अलावा पोस्टमार्टम में दर्ज चोटों को लेकर भी विशेषज्ञ राय की जरूरत महसूस की गई।

अब CBI किन पहलुओं की जांच करेगी?

बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की है। एजेंसी ने 11 सितंबर को उनके पिता का बयान भी दर्ज किया था। सतीश सालियान के मुताबिक उन्होंने जांच अधिकारियों को उन घटनाओं की जानकारी दी, जिन्हें वह अपनी बेटी की मौत से पहले और बाद के घटनाक्रम से जोड़कर देखते हैं।

CBI अब पिछली जांच में जुटाए गए दस्तावेजों और सबूतों के साथ-साथ बाद में सामने आए आरोपों और दावों की भी जांच करेगी। एजेंसी का मुख्य काम यह पता लगाना होगा कि दिशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या पुराने मामले में किसी महत्वपूर्ण पहलू की जांच अधूरी रह गई थी। फिलहाल CBI की जांच जारी है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।