
दिशा सालियान के पिता-दिशा सालियान (फोटो सोर्स- ANI)
Disha Salian Case: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब दिशा के पिता सतीश सालियान ने जांच एजेंसी पर भरोसा जताते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार उनकी बेटी को न्याय मिल सकेगा। सतीश के मुताबिक, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए परिवार को कई साल तक इंतजार करना पड़ा और अदालत का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा।
सतीश सालियान ने बताया कि शुरुआत में उनकी बेटी की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी बनाई गई थी। हालांकि, उन्हें इस जांच से कोई खास प्रगति होती नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि वह करीब दो साल तक और इंतजार करते रहे। इसके बाद उनकी मुलाकात आशुतोष नाम के व्यक्ति से हुई, जिन्होंने उन्हें अधिवक्ता नीलेश ओझा से संपर्क करने की सलाह दी।
इसके बाद परिवार ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस आयुक्त के कार्यालय का रुख किया, लेकिन वहां से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। फिर वकील की सलाह पर उन्होंने अदालत जाने का फैसला किया। सतीश के अनुसार, अदालत में भी प्रक्रिया आगे बढ़ने में काफी समय लगा और करीब डेढ़ साल तक तारीखें चलती रहीं।
मामले में सतीश सालियान ने बाद में अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि दिशा के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या की गई। इस याचिका पर सुनवाई के बाद 2 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।
इसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। प्राथमिकी में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत 17 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाझे, परमबीर सिंह और रोहन रॉय के नाम भी एफआईआर में शामिल हैं। हालांकि, एफआईआर में किसी का नाम होना अपने आप में अपराध साबित होना नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अब सीबीआई करेगी।
दिशा सालियान की 9 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय मालवाणी पुलिस ने दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की जांच में इसे आत्महत्या माना गया था और किसी साजिश के सबूत नहीं मिले थे। दिसंबर 2023 में महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने भी साजिश की बात नहीं मानी थी।
सतीश सालियान का कहना है कि छह साल तक इंतजार करने के बाद अब जांच का रास्ता खुला है। सीबीआई के सामने वह अपना बयान भी दर्ज करा चुके हैं। उनका मानना है कि नई जांच से मामले की सच्चाई सामने आएगी और परिवार को न्याय मिलेगा। अब इस मामले में सीबीआई की जांच से यह स्पष्ट होगा कि सामने आए आरोपों में कितनी सच्चाई है और दिशा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
Updated on:
15 Sept 2026 04:56 pm
Published on:
15 Sept 2026 04:56 pm
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