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Operation Safed Sagar: अजय आहूजा के ताबूत से जुड़ा वो किस्सा, जो सीरीज में नहीं दिखाया गया, खुद के पैसों से खरीदा गया था ताबूत

Operation Safed Sagar Ajay Ahuja: नेटफ्लिक्स की सीरीज 'ऑपरेशन सागर' को लेकर अजय आहूजा के ताबूत से जुड़ा एक किस्सा सामने आया है।
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Operation Safed Sagar Ajay Ahuja

ऑपरेशन सफेद सागर (फोटो सोर्स- Instagram/Netflix)

Operation Safed Sagar Ajay Ahuja: 1999 के कारगिल युद्ध पर बनी वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' में सिर्फ सीमा पर लड़ी गई जंग नहीं दिखाई गई, बल्कि उन परिवारों की कहानी भी सामने लाई गई, जिन्होंने अपनों को युद्ध में खोने का दर्द झेला। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस सीरीज में कई ऐसे भावुक पहलू थे, जिन्हें दर्शकों ने देखा। हालांकि, निर्देशक ओनी सेन और अभिनेत्री अमृता बागची ने बताया कि शूट किए गए कुछ बेहद भावुक सीन अंतिम सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके।

अजय आहूजा के शव को नहीं देख पाईं अल्का

सीरीज में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा का किरदार सिद्धार्थ ने निभाया है। कहानी के मुताबिक अजय को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था और बाद में उनकी मौत हो गई। जब उनका पार्थिव शरीर भारत पहुंचा तो उसे एक ताबूत में लाया गया, लेकिन वो ताबूत उनकी लंबाई से छोटा था।

अजय की पत्नी अल्का की कहानी का यह पहलू भी बेहद दर्दनाक था कि वह पति का चेहरा आखिरी बार नहीं देख पाईं। उनके सामने सिर्फ ताबूत था। ऐसे में उनके मन में यह भावना बनी रही कि शायद अजय किसी भी वक्त वापस आ जाएंगे। अमृता बागची के मुताबिक, अल्का को अपने पति को अंतिम बार देखने का वह मौका नहीं मिला, जिससे उनके दुख को एक अलग तरह की अधूरापन मिला।

अजय के ही पैसों से खरीदा गया था ताबूत

इस कहानी का सबसे भावुक हिस्सा शूट तो किया गया था, लेकिन बाद में सीरीज से हटा दिया गया। निर्देशक ओनी सेन ने बताया कि जब अजय आखिरी मिशन पर जाने वाले थे, उससे पहले उन्होंने बैंक से पैसे निकालने की बात याद की थी। उन्होंने अपने पैसे और अल्का का एक पत्र एक लिफाफे में मंगवाया था।

अजय के मिशन पर जाने के बाद वही लिफाफा उनके ताबूत के साथ वापस आया। इसके बाद उनके भाई बाल्डी और गूफी नया ताबूत लेने के लिए निकले। लेकिन उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। आखिरकार उनके पास मौजूद वही लिफाफा था, जिसमें अजय के पैसे रखे थे। यानी जिस पैसे को अजय ने अपने काम के लिए मंगवाया था, उसी पैसे से उनके लिए ताबूत खरीदा गया।

निर्देशक ने यह भी बताया कि इस दृश्य में एक ताबूत बनाने वाला व्यक्ति एक साथ कई ताबूत तैयार करता दिखाई देता था। इसके जरिए युद्ध में हुई बड़ी संख्या में मौतों और नुकसान को बिना ज्यादा संवाद के दिखाने की कोशिश की गई थी। हालांकि यह पूरा दृश्य अंतिम सीरीज में जगह नहीं बना सका।

अल्का ने खुद संभाली थी कार की जिम्मेदारी

सीरीज से जुड़े एक और भावुक सीन में अल्का को अपने दोस्तों की मदद के लिए खुद कार चलाते हुए दिखाया गया था। अजय ने युद्ध पर जाने से पहले यह कार अल्का को दी थी और उन्हें गाड़ी चलाना भी सिखाया था, ताकि वह उनके बिना भी अपनी जिम्मेदारियां संभाल सकें।

जब माधवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो अल्का ने कार की चाबी उठाई और उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया। गाड़ी चलाते समय उसे अजय की सिखाई बातें याद आती रहीं। अमृता के मुताबिक, रिवर्स करते समय उनके चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान दिखाने को कहा गया था। यह मुस्कान इस बात का संकेत थी कि अल्का को महसूस हुआ कि अजय ने उसे मुश्किल समय के लिए तैयार किया था।

'ऑपरेशन सफेद सागर' में दिखा युद्ध का दूसरा पहलू

'ऑपरेशन सफेद सागर' का प्रीमियर 7 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर हुआ था। छह एपिसोड की यह सीरीज भारतीय वायुसेना की गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन और कारगिल युद्ध से जुड़े अधिकारियों, उनके मिशन और परिवारों की कहानी दिखाती है। सीरीज का निर्देशन ओनी सेन ने किया है। इसमें सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा, तारुक रैना, दीया मिर्जा, अमृता बागची, प्राजक्ता कोली और मिहिर आहूजा जैसे कलाकार नजर आए हैं। इसके बाद 26 अगस्त को इसी युद्ध और भारतीय वायुसेना से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री 'द लास्ट सैल्यूट' भी नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई।

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