
DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में इस बार उपाध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। 18 सितंबर को मतदान के बाद शनिवार को हुई मतगणना में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं, चार केंद्रीय पदों में से 3 पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। खास बात यह रही कि दीपांशु को चुनाव से पहले NSUI की ओर से टिकट नहीं दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया और छात्रों के बीच अपनी पकड़ के दम पर जीत हासिल की। जहां अध्यक्ष पद के लिए ABVP और NSUI के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, वहीं उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन ने दोनों छात्र संगठनों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया। उनकी जीत ने DUSU चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। आपको बताते हैं जीते हुए उम्मीदवारों के बारे में।
दीपांशु शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई भगत सिंह कॉलेज से पूरी की है। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय से बुद्धिस्ट स्टडीज की पढ़ाई कर रहे हैं। दीपांशु का पारिवारिक पृष्ठभूमि भी सामान्य परिवार से जुड़ी है। उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, जबकि उनके पिता बस कंडक्टर के तौर पर काम करते हैं। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ दीपांशु पिछले कई महीनों से दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे थे।
दीपांशु शौकीन पहले NSUI से जुड़े हुए थे और दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में लगातार सक्रिय रहे। बताया गया कि उन्हें उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए कहा गया था। हालांकि बाद में उन्हें अपना नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया। दीपांशु ने नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में बने रहे। इसके बाद उन्होंने संगठन के समर्थन के बिना चुनाव लड़ने का फैसला किया। मतगणना के दौरान उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा और आखिरकार उन्होंने उपाध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।
मतगणना के दौरान दीपांशु शौकीन लगातार बढ़त बनाए हुए थे। 10 राउंड की वोट काउंटिंग के बाद उन्हें कुल 14,256 वोट मिल चुके थे। इस आंकड़े के साथ वह ABVP और NSUI दोनों के उम्मीदवारों से आगे चल रहे थे। बाद में मतगणना पूरी होने पर दीपांशु शौकीन को DUSU का नया उपाध्यक्ष चुन लिया गया। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उनकी जीत इस चुनाव का प्रमुख घटनाक्रम बन गई।
यश डबास छात्र राजनीति में सक्रिय होने से पहले ही खेल के मैदान में अपनी पहचान बना चुके थे। यश डबास पेशेवर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। टेनिस के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई और छात्र राजनीति में भी अपनी सक्रियता बनाए रखी। खेल के मैदान से मिली अनुशासन की सीख और आखिरी क्षण तक संघर्ष करने का जज्बा उनके राजनीतिक सफर में भी नजर आया।
यश डबास ने इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में आयोजित ITF प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा यश ने 'खेलो इंडिया', सीबीएसई नेशनल्स, SGFI नेशनल्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है। खेलों में उनकी सक्रियता ने उनके व्यक्तित्व में अनुशासन और प्रतिस्पर्धी भावना को मजबूत किया।
बाहरी दिल्ली के कंझावला इलाके से आने वाले यश ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा (SGTB Khalsa) कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर (CLC) से LL.B की पढ़ाई पूरी की। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग से MA की पढ़ाई कर रहे हैं।
यश डबास पिछले करीब छह वर्षों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े हुए हैं। इस दौरान वह दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते रहे हैं। DUSU चुनाव में ABVP ने उन्हें अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी खेल पृष्ठभूमि और छात्र राजनीति में लंबे समय से सक्रियता भी चर्चा में रही।
रिया दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोड़बंद गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार कृषि से जुड़ा हुआ है। पढ़ाई के साथ-साथ रिया की खेलों में भी खास रुचि रही है। वह इंटर-कॉलेज स्तर पर बास्केटबॉल खेल चुकी हैं और खेल गतिविधियों में सक्रिय रही हैं।
रिया ने अपनी पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री अरबिंदो कॉलेज से की है। फिलहाल वह इसी कॉलेज में बीए प्रोग्राम के चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई और खेल, दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाली रिया अब छात्र राजनीति में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
लक्ष्यराज सिंह राजस्थान के चूरू जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्यराज की खेलों में भी खास रुचि रही है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
लक्ष्यराज सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैंडबॉल खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने भारत की ओर से एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। इसके अलावा उन्होंने नेशनल गेम्स में राजस्थान और नेशनल यूनिवर्सिटी गेम्स में दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व भी किया है। खेलों में अपने अनुभव के साथ लक्ष्यराज ने शिक्षा पर भी लगातार ध्यान दिया। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर (CLC) में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।