
एक्टर एस. देवन (S. Devan) ने बीजेपी (BJP) से इस्तीफा दे दिया है। देवन का इस्तीफा केरल में बीजेपी के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं। वह केरल बीजेपी के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उपाध्यक्ष पद से हटाया जाना ही उनके इस्तीफे के मुख्य वजह बनी। देवन को 2023 में केरल बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि बाद 2025 में आर. श्रीलेखा (R. Sreelekha) को यह ज़िम्मेदारी सौंप दी गई थी, जिसकी वजह से वह नाराज़ थे।
देवनने आरोप लगाया कि बीजेपी की केरल यूनिट ने उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं दी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी के सीनियर नेताओं ने उनके कॉल और मैसेज को नज़रअंदाज़ किया, जिसकी वजह से वह खुश नहीं थे।
देवन ने बीजेपी से इस्तीफे के बाद कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि पिछले 5-6 महीनों से इस पर विचार चल रहा था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के साथ उनके कोई बड़े मतभेद नहीं हैं, लेकिन केरल यूनिट के साथ उनके कई मतभेद हैं और उन्हें लगा कि यूनिट का राजनीतिक नज़रिया उनके नज़रिए से मेल नहीं खाता।
देवन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2004 में अपना खुद का राजनीतिक दल 'केरल पीपुल्स पार्टी' बनाकर की थी। 2020 में इसका नाम बदलकर 'नवा केरल पीपुल्स पार्टी' कर दिया गया था। इसके बाद साल 2021 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया था।
देवन ने बीजेपी से इस्तीफे के बाद कहा, "मैं जिस राजनीति में यकीन करता हूं, वो श्री नारायण गुरु के आदर्शों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों पर आधारित है। केरल में बीजेपी से जुड़ने के बाद पिछले 5 सालों में मुझे एहसास हुआ है कि मैं उस रास्ते पर नहीं चल पाया हूं। मुझे लगा कि मेरी राजनीतिक सोच अलग है और मुझे इसका यकीन हो गया। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने इस्तीफा दिया है।"