कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नियमित रूप से मंदिर जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव के समय मंदिर जाना पर्याप्त नहीं है, लेकिन राहुल गांधी ने उनकी इस सलाह को नहीं माना।
कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने मंगलवार को एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उन्होंने एक बार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नियमित रूप से मंदिर जाने की सलाह दी थी।
यह भी सुझाव दिया था कि केवल चुनाव के वक्त ही मंदिर में जाना ठीक नहीं है, लेकिन राहुल ने पूर्व कांग्रेस नेता की सलाह नहीं मानी।
बता दें कि शकील अहमद ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित नेता बताया है, जिससे कांग्रेस के अंदर काफी हंगामा मचा है।
बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रहे अहमद ने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। तब से वह पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और कामकाज की खुले तौर पर आलोचना कर रहे हैं।
इससे पहले अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पूर्व पार्टी सहयोगियों ने उन्हें चुपके से बताया था कि कांग्रेस हाईकमान ने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला जलाने के बहाने पटना और मधुबनी में उनके आवासों पर हमला करने के निर्देश दिए हैं।
इस दावे के बाद, पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में उनके आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। अहमद ने आइएएनएस से कहा- मैंने राहुल को सलाह दी थी कि वह मंदिरों में जाना बंद न करें। वह चुनाव नजदीक होने पर मंदिरों में जाते थे और चुनाव खत्म होने के बाद, जाना बंद कर देते थे। चुनाव के बाद वह बिहार में कहीं नहीं दिखे।
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए अहमद ने कहा- सीताराम केसरी 20 साल पहले गुजर गए थे और राहुल ने दो दशक बाद पहली बार बिहार चुनाव से ठीक पहले उस मौके पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने खुद को 'जनेऊधारी शिव भक्त ब्राह्मण' के रूप में पेश करने के लिए कांग्रेस मशीनरी का इस्तेमाल किया।
अहमद ने कहा कि छह महीने बाद, उन्होंने लालू जी के साथ गठबंधन किया और ऐसे बयान दिए जिनसे हमारे अपने ब्राह्मण नेताओं को भी शर्म महसूस हुई। उन्होंने कहा- पिछड़े वर्गों को ऊपर उठाना अच्छी बात है, लेकिन जो पहले से आगे हैं, उन्हें नीचे खींचना सही नहीं है।
अहमद ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी को शशि थरूर और पी चिदंबरम जैसे सीनियर कांग्रेस नेताओं से एलर्जी है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के नेता खुद पर ही ध्यान रखना पसंद करते हैं। अहमद ने कहा- वह सब में सिर्फ खुद को ही हाईलाइट करना चाहते हैं।
गांधी परिवार के अंदर तुलना करते हुए अहमद ने दावा किया कि राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और मां सोनिया गांधी ने पार्टी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आगे कहा- राहुल गांधी अपने आस-पास सिर्फ उन्हीं लोगों को चाहते हैं जो उनकी तारीफ करें।
अहमद ने कहा- मैंने कोई गंभीर आरोप नहीं लगाए हैं। मैंने कांग्रेस के शुभचिंतक के तौर पर बात की। मेरी चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की सोच मौजूदा नेताओं को हाशिये पर धकेलने की है।
अहमद ने फिर से यह कहा कि यूथ कांग्रेस के उनके दोस्तों ने उन्हें फोन पर बताया था कि दिल्ली से उनके घरों को निशाना बनाने का कथित आदेश आया है।
उन्होंने कहा- मेरे पुतले जलाने की आड़ में पटना और मधुबनी में मेरे घरों पर हमला होगा। मैंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
अहमद ने आरोप लगाया- टॉप लीडरशिप के कहने पर वे मेरा पुतला जलाएंगे। जलाओ अगर जलाना चाहते हो। लेकिन मुझे पुतला जलाने पर आपत्ति है - मैं एक मुसलमान हूं। अगर तुम मुझे खत्म करना चाहते हो, तो तुम्हें मुझे दफनाना होगा। पुतला जलाकर वे मेरे धर्म को खराब कर रहे हैं। हाई कमान कौन है? वह राहुल गांधी हैं।