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आंखे नम कर देगी राजौरी में शहीद अग्निवीर की कहानी…छह बहनों का था इकलौता भाई, पिता मजदूर, मां करती है मेड का काम

Agniveer Ajay Singh: अजय के पिता चरणजीत सिंह काला ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि 2022 में अजय के अग्निवीर के रूप में नामांकित होने के बाद भी उनकी मां घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती रही।

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Agniveer Ajay Singh (file photo)

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में नियंत्रण रेखा के पास एक बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ था। इस दुर्घटना में पंजाब के लुधियाना जिले के पायल डिवीजन के रामगढ़ सरदारन गांव के एक वेहद गरीब परिवार से जान गंवाने वाले अग्निवीर अजय सिंह (23) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अनुसूचित जाति (SC) पृष्ठभूमि से आने वाले अजय के पिता चरणजीत सिंह काला ने खराब स्वास्थ्य के कारण नौकरी छोड़ दी थी। फिर दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करना शुरू किया। जबकि उनकी मां लक्ष्मी उर्फ मंजीत कौर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए घर-घर जाकर मेड का काम करती हैं।

अजय छह बहनों का इकलौता भाई था

शहीद अग्निवीर की 6 बहनें हैं। वह इन 6 बहनों में इकलौता भाई था। जिनमें दो बहनें अभी अविवाहित हैं। परिवार गांव में एक कमरे के मकान में गुजारा करता है। परिवार के पास कोई खेती भी नहीं है। अजय के पिता चरणजीत सिंह काला ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि 2022 में अजय के अग्निवीर के रूप में नामांकित होने के बाद भी उनकी मां घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती रही।उन्होंने आगे कहा कि मैंने पूरी जिंदगी एक मजदूर के रूप में काम किया है। जब मैं अस्वस्थ रहने लगा, तो अजय की माँ ने दूसरों के घरों में खाना पकाने और साफ-सफाई का काम करना शुरू कर दिया, ताकि हमें दो वक्त की रोटी मिल सके।

शहीद के दर्जे का हकदार- पिता

जान गंवाने वाले अग्निवीर के पिता का कहना है कि हमें देश के लिए बलिदान होने वाले बेटे पर गर्व है। बेटे का बलिदान उस सम्मान और प्रतिष्ठा का हकदार है जो देश के लिए मरने वाले अन्य सैनिकों को मिलता है। वह भी शहीद के दर्जे का हकदार है। परिजनों ने अजय से आखिरी बार गुरुवार को बात की थी। उसे फरवरी में छुट्टी पर घर आने की उम्मीद थी।

देश के लिए खो दिया अपना इकलौता बेटा

अजय के चाचा बलविंदर सिंह ने कहा कि अगर केंद्र सरकार को उनके परिवार की मदद करना चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो यह परिवार के साथ गंभीर अन्याय होगा। उनके परिवार ने देश के लिए अपना इकलौता बेटा खो दिया है। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने आगे कहा हमें उम्मीद है कि पंजाब सरकार अपनी नीति के अनुसार उन्हें उनका उचित 1 करोड़ रुपये मुआवजा देगी। केंद्र भी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा और मृत अग्निवीरों के परिवारों की उचित मदद करेगी।

सीएम ने जताया दुख, सहायता करने का दिया भरोसा


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को अजय सिंह की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि लुधियाना के पास गांव रामगढ़ सरदारन के रहने वाले अग्निवीर अजय सिंह एक बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हो गए। बहादुर जवान ने बहादुरी से अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस दुखद घड़ी में पंजाब सरकार उनके परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार शोक संतप्त परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में गुरुवार को नियंत्रण रेखा के पास एक बारूदी सुरंग विस्फोट में सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए थे।

Updated on:
20 Jan 2024 04:13 pm
Published on:
20 Jan 2024 04:11 pm
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