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US-ईरान डील की बड़ी शर्तें क्या हैं? पाकिस्तान को पीस डील में नहीं मिली तवज्जो, ट्रंप ने चीन, रूस को कहा शुक्रिया

US-Iran deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को तवज्जो नहीं दी है। पढ़ें पूरी खबर

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Donald Trump announce US Iran Peace deal.

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (File photo/ANI)

US-Iran deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी नेवल ब्लॉकेड को खत्म कर देगा। उन्होंने इसे महीनों की बातचीत में सबसे बड़ी कामयाबी बताया है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई!

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी का कहना है कि तेहरान ने अमेरिका को शांति समझौते के लिए मजबूर किया। व्हाइट हाउस ने तुरंत समझौते की जानकारी जारी नहीं की। इस शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ का ट्रंप ने जिक्र नहीं किया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस और चीन का शुक्रिया अदा किया। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानकारी दी है कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा। उन्होंने शांति समझौते के प्रयास के लिए कतर, सऊदी अरब और तुर्की को भी शुक्रिया कहा।

शांति समझौते के ऐलान पर दुनिया भर से आई प्रतिक्रिया

कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष एक सकारात्मक और रचनात्मक भावना से जुड़ेंगे जो इस समझौते को मजबूत करने और इस पर आगे बढ़ने में मदद करेगा।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्ट्रामर ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते को जरूरी कदम बताया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष एंटोनियो गुटरेस ने शांति समझौते के लिए मध्यस्थ देशों पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब समेत अन्य देशों की तारीफ की। उन्होंने इसे जरूरी कदम बताया।

शांति समझौतें की बड़ी शर्तें क्या है

  1. ईरान ने तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उनसे जुड़े उत्पादों पर एक्सपोर्ट हटाने की मांग की है।
  2. ईरान को उसके वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस मिलेगा।
  3. 60 दिनों की बातचीत के दौरान फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर रीलिज किए जाएंगे। 12 अरब डॉलर बातचीत से पहले दिए जाएंगे।
  4. अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर देंगे।
  5. लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत बंद किया जाएगा।
  6. अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा। उसकी संप्रभुत्ता का सम्मान करेगा।
  7. अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिनों के अंदर पूरी तरह से हटा ली जाएगी।
  8. होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के अंदर फिर से खोल दिया जाएगा
  9. परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर आखिरी समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी
  10. ईरान फिर से NPT के अंतर्गत आएगा।