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सयानी घोष समेत 20 सांसदों के पाला बदलने पर महुआ मोइत्रा का हमला, दिलीप घोष बोले- TMC से सब लोग भागना चाहते हैं

टीएसमी सांसद महुआ मोइत्रा ने सयानी घोष समेत 20 सांसदों के लिए नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ज्वाइन करने पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनके लिए वफादारी की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने ममता को धोखा दिया। पढ़ें पूरी खबर...

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Mahua Moitra

TMC सांसद महुआ मोइत्रा (Photo-IANS)

तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को रविवार देर शाम बड़ा झटका लगा। पार्टी के 28 सांसदों में से 20 बागी सांसदों ने त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NPCI) में विलय का ऐलान किया। बागी गुट का नेतृत्व करने वाली काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। इस बड़े झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस से सांसद महुआ मोइत्रा ने सयानी घोष समेत अन्य सांसदों पर तीखा हमला बोला है। महुआ ने कहा कि हम सब ममता की वजह से सांसद बने हैं।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान महुआ ने कहा कि काकोली घोष, शताब्दी रॉय पिछले महीने हमारे उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रही थीं। महुआ ने आगे कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी एक ही हैं। ममता बनर्जी भावुक इंसान हैं। वह माफ करने वाली में से हैं, लेकिन बीजेपी बेरहम है। तो हमें भी बेरहम बनना पडे़गा। उन्होंने बागी सांसदों को लेकर कहा कि उनके लिए वफादारी की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने ममता को धोखा दिया।

रितब्रत को सांसद बनाना बड़ी गलती थी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी बागी गुट के नेता व नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी को लेकर महुआ ने कहा कि उन्हें सीपीएम ने निकाल दिया था। वह अकेले थे। ममता बनर्जी ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल किया। राज्यसभा सांसद बनाया। यह TMC की सबसे बड़ी गलती थी। महुआ ने कहा कि वह कुछ महीने पहले तक TMC की सरकार में श्रम मंत्री बनना चाहते थे।

उन्हें भी शुभेन्दु अधिकारी वाला रास्ता अपनाना था

महुआ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में बगावत करने वाले 60 विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ममता या अभिषेक से इतनी ही दिक्कत थी तो उन्हें वही करना चाहिए था, जो शुभेन्दु अधिकारी ने किया। शुभेन्दु अधिकारी को समझ आ गया था कि वे तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो नहीं बन पाएंगे, इसलिए वे बीजेपी में चले गए। 2021 में उन्होंने ममता दी को हराया, अगले पांच साल तक संघर्ष किया और अब वे CM हैं। आप उन्हें पसंद कर सकते हैं या नापसंद, लेकिन उस मॉडल में कोई बुराई नहीं है।

महुआ ने कहा कि कानून बिल्कुल साफ है। कानून कहता है कि LoP और चीफ व्हिप का फैसला राजनीतिक पार्टी करती है, न कि लेजिस्लेचर पार्टी। इसीलिए हम कोर्ट गए हैं। मुझे यकीन है कि इसे रद्द कर दिया जाएगा। अगर आपको ममता या अभिषेक पसंद नहीं हैं, तो इस्तीफा दे दें, जैसा मध्य प्रदेश में हुआ था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में आए सभी 21 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दिया और बीजेपी के टिकट पर दोबारा चुनाव जीते।

सीटिंग अरजमेंट बदलने की अपील की

उधर, काकोली घोष दास्तीदार ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाक़ात के बाद बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, "हमने बैठने के लिए अलग इंतजाम करने का अनुरोध किया है। हमने कहा है कि हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।

TMC से सब लोग भागना चाहते हैं

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी के 20 सांसदों के NCPI ज्वाइन करने पर बयान दिया है। दिलीप घोष ने कहा कि कोई भी सांसद स्पीकर से मिल सकता है अपनी बात रख सकता है। TMC रोज टूट रही है। उसका क्या भविष्य है ये समय बताएगा। अगर उन्हें अलग पार्टी की स्वीकृति मिलती है तो वे बैंठे। TMC से सब लोग भागना चाहते हैं। सब लोग TMC से अलग होना चाहते हैं।