
TMC Crisis(Photo-ANI)
TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है और अब उन्होंने एक नए राजनीतिक रास्ते पर चलने का फैसला किया है। पार्टी के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी में विलय का निर्णय लिया है और साथ ही केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने का भी ऐलान किया है।
रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने कहा कि टीएमसी से निर्वाचित 20 सांसदों ने अलग बैठने की मांग करते हुए औपचारिक पत्र सौंपा है। उनका दावा है कि यह संख्या लोकसभा में टीएमसी के कुल सांसदों की दो-तिहाई से अधिक है, इसलिए उनका विलय संवैधानिक रूप से वैध है। उन्होंने कहा कि सभी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी में शामिल होने का फैसला कर चुके हैं और भविष्य में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे।
वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी विलय के फैसले की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बागी सांसद खुद को 'वास्तविक टीएमसी' मानते हैं और इस मुद्दे को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। इससे आने वाले दिनों में पार्टी के नाम और संगठन पर कानूनी लड़ाई छिड़ने की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। यदि 20 सांसदों का यह समूह एनसीपीआई के बैनर तले एनडीए का हिस्सा बनता है, तो लोकसभा में उसकी संख्या काफी मजबूत हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इस स्थिति में एनसीपीआई, भाजपा के बाद एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन सकती है और सांसदों की संख्या के मामले में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को पीछे छोड़ सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बड़े फैसले से पहले बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की थी। चर्चा है कि इस बैठक में त्रिपुरा से भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब भी मौजूद थे। यहीं पर संभावित विलय और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। इसके बाद सांसदों का प्रतिनिधिमंडल लोकसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचा और सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग रखी।
Updated on:
14 Jun 2026 09:29 pm
Published on:
14 Jun 2026 08:19 pm
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