बिल पेश करते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भारतीय न्यायपालिका के इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का गठन संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत तय होता है। जब 1950 में संविधान लागू हुआ, तो सुप्रीम कोर्ट में कुल आठ जज थे, जिनमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल थे। इसके बाद अगस्त 1956 में तत्कालीन गृह मंत्री जी.बी. पंत ने पहला संशोधन बिल पेश किया, जिससे जजों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। इसके बाद जरूरत के हिसाब से 1960, 1978, 1986, 2009 और 2019 में जजों की संख्या बढ़ाई गई।